लाइव न्यूज़ :

रूस ने सुरक्षा समझौते के मसौदे में अमेरिका-नाटो के सामने सख्त शर्तें रखीं

By भाषा | Updated: December 17, 2021 19:38 IST

Open in App

ब्रसेल्स, 17 दिसंबर (एपी) रूस ने शुक्रवार को नाटो के साथ होने वाले सुरक्षा समझौता के लिए मसौदा पेश किया जिसमें यूक्रेन और अन्य पड़ोसी देशों को नाटो में शामिल होने से रोकने और यूरोप में सैनिकों और हथियारों पर रोक की शर्तें शामिल हैं।

रूस की ओर से सुरक्षा समझौता का मसौदा इस हफ्ते के शुरुआत में अमेरिका और उसके साझेदारों को दिया गया था। इसमें अमेरिकी और रूसी युद्धपोतों को भी एक दूसरे पर हमले की जद से दूर रखने का प्रस्ताव किया गया है।

समझौते के मसौदे को ऐसे समय प्रकाशित किया गया है जब रूस द्वारा यूक्रेन की सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा करने को लेकर यूक्रेन और पश्चिमी देशों में हमले की आशंका के मद्देनजर तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस ने पड़ोसी देश पर हमले की योजना से इनकार किया है, पर पश्चिमी देशों से मांग की है कि वे कानूनी गांरटी दें कि यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं करेंगे और साझेदार देशों में हथियारों की तैनाती नहीं करेंगे। इन मांगों को नाटो खारिज कर चुका है।

रूस के उप विदेशमंत्री सरर्गेइ रेयाबकोव ने कहा कि रूस का अमेरिका और उसके नाटो साझेदारों के साथ ‘‘खतरनाक बिंदु’’ पर पहुंच चुका है। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी साझेदारों द्वारा रूस की सीमा के नजदीक तैनाती और अभ्यास ‘अस्वीकार्य’ और उसकी सुरक्षा के लिए खतरा है।

रेयाबकोव ने मॉस्को में संवाददाताओं से कहा कि उनके देश ने अमेरिका से तत्काल प्रस्तावित मसौदे पर जिनेवा में वार्ता शुरू करने का प्रस्ताव किया है।

नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने शुक्रवार को कहा कि नाटो को दस्तावेज मिले हैं और ‘‘रूस के साथ होने वाले किसी भी संवाद में मॉस्को की कार्रवाई को लेकर नाटो की चिंता पर भी बात होनी चाहिए, यह यूरोपीय सुरक्षा के प्रधान सिद्धांत और दस्तावेज पर आधारित होगा जिसे यूक्रेन सहित यूरोपीय साझेदारों से विचार विमर्श कर तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नाटो के 30 सदस्य देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि रूस को तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, हम विश्वास बहाली के कदमों को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार हैं।’’

गौरतलब है कि बातचीत के दौरान तनाव उच्चतम स्तर पर रह सकता है क्योंकि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने कहा है कि रूस के करीब 70 हजार सैनिक यूक्रेन से लगती सीमा की ओर बढ़ रहे हैं और अगले साल के शुरू में आक्रमण कर सकते हैं जबकि रूस ने ऐसी खबरों का खंडन किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्व अधिक खबरें

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट