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Ukraine Crisis: यूक्रेन में युद्ध का खतरा टलने लगा! सीमा से रूसी सैनिकों ने शुरू किया लौटना

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 15, 2022 16:36 IST

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई दिनों से तनाव जारी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच जारी इस तनाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल, ऐसी ख़बरें सामने आ रही हैं कि यूक्रेन की सीमाओं से कुछ रूसी सैन्‍य बल वापस लौट रहे हैं।

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ठळक मुद्देपिछले कई दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है।ऐसे में दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। दोनों देशों के बीच जारी इस तनाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

मॉस्को: पिछले कई दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच तनाव जारी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, दोनों देशों के बीच जारी इस तनाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। यही नहीं, संयुक्त राष्ट्र भी लगातार इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को रूस और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों से बात की और देशों के बीच बढ़ते तनाव पर "गंभीर चिंता" व्यक्त की थी। यही नहीं, टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान गुटेरेस ने रूस के शीर्ष राजनयिक सर्गेई लावरोव और यूक्रेन के विदेश मंत्री डायमट्रो कुलेबा से कहा था कि कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। 

वहीं, एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन की सीमाओं से कुछ सैन्‍य बलों की वापसी की योजना बनाई गई थी, लेकिन जोर देकर कहा कि रूस देश भर में सैनिकों के चारों ओर घूमना जारी रखेगा क्योंकि यह उपयुक्त है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा, "हमने हमेशा कहा है कि अभ्यास समाप्त होने के बाद सैनिक अपने स्थायी ठिकानों पर लौट आएंगे। यहां कुछ भी नया नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।" 

इससे पहले रूस ने कहा था कि वह यूक्रेनी सीमा के पास उनके सैनिक अपने ठिकानों पर वापस आ रहे हैं, पश्चिम के साथ संकट के हफ्तों में डी-एस्केलेशन की दिशा में पहला बड़ा कदम होगा। वहीं, पूरी दुनिया रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव को लेकर काफी चिंतित है। ऐसे में अमेरिका के बाद अब भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी उन्हें जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी है। मंगलवार को वर्तमान स्थिति की अनिश्चितताओं को देखते हुए दूतावास ने भारतीयों (खासकर उन छात्रों को जिनका वहां रहना आवश्यक नहीं है) को यह सलाह दी थी।

यही नहीं, भारत में इजरायल के दूत नाओर गिलोन ने भी यूक्रेन संकट पर बात करते हुए बताया कि यूक्रेन में हम अपने दूतावास छोड़ रहे हैं। दूतावास के अंदर हमने अपनी राजनयिक ताकतें बढ़ा दी हैं। यूक्रेन और यहूदी समुदाय में रहने वाले करीब 5000 इजरायली लोगों की सुरक्षा हमें सुनिश्चित करनी है। सभी को हम लोग यूक्रेन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मगर सभी लोग देश नहीं छोड़ रहे हैं।

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