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अमेरिका की ब्लैकलिस्ट सूची से एनएसओ ग्रुप को निकलवाना चाहता है इजरायल, पेगासस स्पायवेयर बनाती है कंपनी

By विशाल कुमार | Updated: November 9, 2021 09:53 IST

सोमवार को इजरायल के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एनएसओ और एक अन्य कंपनी कैंडिरू पर से प्रतिबंध हटाने की बाइडन प्रशासन से मांग की जाएगी क्योंकि उनकी गतिविधियां दोनों ही देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं.

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ठळक मुद्देहैकिंह के आरोपों के बाद एनएसओ ग्रुप को अमेरिका ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है.इजरायल का कहना है कि यह उसकी विदेशी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

येरुशलम: हैकिंग सॉफ्टवेयर पेगासस बनाने वाली कंपनी एनएसओ ग्रुप को इजरायल सरकार अमेरिका की ब्लैकलिस्ट की सूची से निकलवाने के लिए प्रयास कर रही है. इजरायल का कहना है कि यह उसकी विदेशी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को इजरायल के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एनएसओ और एक अन्य कंपनी कैंडिरू पर से प्रतिबंध हटाने की बाइडन प्रशासन से मांग की जाएगी क्योंकि उनकी गतिविधियां दोनों ही देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल सॉफ्टवेयर को लाइसेंस देने में कहीं अधिक सख्त निगरानी का भी वादा करेगा. इजरायल के रक्षा मंत्रालय की समीक्षा प्रक्रिया के अलावा, स्पायवेयर का वैश्विक बाजार काफी हद तक अनियमित है.

बता दें कि, वैश्विक स्तर पर सरकारी अधिकारियों, कार्यकर्ताओं व पत्रकारों की कथित तौर पर जासूसी करने के लिये इस्तेमाल किए गए पेगासस स्पायवेयर को बनाने वाली एनएसओ को अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है.

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो (बीआईएस) ने बुधवार को एनएसओ समूह और कैंडिरू को उन गतिविधियों में शामिल होने के लिए ऐसी सूची में शामिल किया, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेश नीति के हितों के विपरीत हैं.

इसके बाद इजराइल के विदेश मंत्री, येर लापिद ने प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और वित्त मंत्री एविगडोर लिबरमैन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रौद्योगिकी कंपनी से दूरी बनाते हुए कहा कि यह एक निजी कंपनी है और इसका इजराइली सरकार की नीतियों से कुछ लेना-देना नहीं है.

सुरक्षा शोधकर्ताओं ने सोमवार को खुलासा किया कि एनएसओ ग्रुप के स्पाइवेयर छह फलस्तीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन में पाए गए थे, इनमें आधे ऐसे समूहों से जुड़े थे, जिनके इजरायल के रक्षा मंत्री ने विवादास्पद रूप से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का दावा किया था. यह फलस्तीनी कार्यकर्ताओं के सैन्य-ग्रेड पेगासस स्पायवेयर द्वारा निशाने पर होने का पहला ज्ञात उदाहरण है.

जुलाई में प्रकाशित 17 मीडिया संगठनों की एक जांच में कहा गया है कि एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर ने कई देशों में पत्रकारों, अधिकार कार्यकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों के स्मार्टफोन को निशाना बनाया था.

कंपनी अपने उत्पादों को इजराइल के रक्षा मंत्रालय से लाइसेंस के तहत विदेशों में भेजती है, जिसने कथित सॉफ़्टवेयर दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद कंपनी की अपनी जांच शुरू की है.

अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है और इजरायल ने ऐसा कोई संकेत भी नहीं दिया है कि एनएसओ के निर्यात को सीमित करने पर विचार कर रहा है.

टॅग्स :NSOIsraelपेगासस स्पाईवेयरPegasus Spyware
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