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पाकिस्तान: कोर्ट ने हिंदू बहनों को सुरक्षा मुहैया कराने के दिये आदेश, धर्म परिवर्तन मामले में भी नया मोड़

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: March 26, 2019 15:39 IST

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इस मामले में रविवार को जांच के आदेश दे दिये थे। भारत ने भी तब इस पूरे मुद्दे पर चिंता जताई थी।

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पाकिस्तान की इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने दो नाबालिग लड़कियों के धर्म परिवर्तन के मामले में सुनवाई करते हुए वहां की सरकार से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। पाकिस्तान की जियो न्यूज के अनुसार कोर्ट ने साथ ही वहां की सरकार से दोनों लड़कियों को अपने संरक्षण में भी लेने के आदेश दिये हैं। यह मामला पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी का है जहां होली के दिन दो नाबालिग हिंदू लड़कियों के जबरन इस्लाम धर्म कबूलवाने और फिर शादी का मामला सामने आया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने सुरक्षा देना का यह आदेश दोनों बहनों की उस याचिका पर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदू से जबरन मुस्लिम बनाये जाने की बात गलत है और इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के अनुसार दोनों ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने अपना घर 20 मार्च को छोड़ा था और 'अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल' करने के बाद 22 मार्च को कानूनी मदद मांगी थी। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने घरवालों इसलिए सूचना नहीं दी क्योंकि कि वे अपनी जान के खतरे  को लेकर डर गई थीं। लड़कियों के मुताबिक उनके जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर गलत खबरें फैलाई जा रही हैं। 

वैसे, इस मामले में लड़की के पिता का भी बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ लोग बंदूक लेकर आये थे और जबरन उनकी बेटी को उठाकर ले गये।

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी मंगलवार को दोनों हिंदू लड़कियों को उनके परिवार को लौटाने को कहा। सुषमा ने ट्वीट किया, 'रवीना की उम्र केवल 13 और रीना की 15 साल है। नया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी भरोसा नहीं करते कि इस उम्र में कोई लड़की खुद से धर्म परिवर्तन करने और शादी जैसे फैसले नहीं ले सकती। न्याय की मांग है कि इन लड़कियों को तत्काल उनके परिवारों को लौटाया जाए।'

बता दें कि पाकिस्तान की पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों हिरासत में लिया था। इसमें निकाह कराने वाला काजी भी शामिल है। विवाद बढ़ने के बाद कराची की सिविल सोसायटी ने भी लड़कियों के बंधन बनाये जाने के खिलाफ रविवार को कराची प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया था। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इस मामले में रविवार को जांच के आदेश दे दिये थे। भारत ने तब इस पूरे मुद्दे पर चिंता जताई थी और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और इस तरह की घटनाओं पर कदम उठाने को कहा था।

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