लाइव न्यूज़ :

पाकिस्तान: सेना प्रमुख के खिलाफ अभियान चलाने के आरोप में इमरान की पार्टी के आठ सोशल मीडिया कार्यकर्ता गिरफ्तार

By भाषा | Updated: April 13, 2022 09:52 IST

इमरान खान को एकजुट विपक्ष द्वारा आठ मार्च को उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीते रविवार कामयाब होने के बाद प्रधानमंत्री पद गंवाना पड़ा था। अविश्वास प्रस्ताव के बाद के दिनों में बाजवा के खिलाफ चलाया गया एक अभियान ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा था।

Open in App
ठळक मुद्देपाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने पंजाब प्रांत के अलग-अलग हिस्सों से ये गिरफ्तारियां कीं।एजेंसियों को बाजवा और जजों के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान में शामिल 50 संदिग्धों की सूची मिली।गिरफ्तारी के खिलाफ पीटीआई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है।

लाहौर (पाकिस्तान):पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ कथित दुष्प्रचार अभियान चलाने के आरोप में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के आठ सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने सोशल मीडिया पर बाजवा और सुप्रीम कोर्ट के जजों को कथित तौर पर निशाना बनाने के लिए मंगलवार को पंजाब प्रांत के अलग-अलग हिस्सों से ये गिरफ्तारियां कीं।

इमरान खान को एकजुट विपक्ष द्वारा आठ मार्च को उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीते रविवार कामयाब होने के बाद प्रधानमंत्री पद गंवाना पड़ा था। अविश्वास प्रस्ताव के बाद के दिनों में बाजवा के खिलाफ चलाया गया एक अभियान ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा था।

एफआईए के मुताबिक, उसे खुफिया एजेंसियों से बाजवा और शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान में शामिल 50 संदिग्धों की सूची मिली है और इनमें से आठ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

ट्विटर पर जारी हजारों ट्वीट में पाक सेना प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के जजों पर इमरान को अमेरिका के इशारे पर प्रधानमंत्री पद से हटाने का आरोप लगाया गया था।

वहीं, अपने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ पीटीआई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। इमरान के करीबी सहयोगी असद उमर ने एक ट्वीट में कहा, “पीटीआई के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न को चुनौती देने वाली याचिका को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसे बुधवार को उच्च न्यायालयों में दायर किया जाएगा।”

इस बीच, मंगलवार को हुई पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों की एक बैठक में सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ चलाए गए अभियान पर चर्चा की गई। इस दौरान ‘मुल्क में संविधान और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए सैन्य नेतृत्व के सुविचारित रुख’ पर पूर्ण विश्वास जताया गया।

इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, फॉर्मेशन कमांडर्स की 79वीं बैठक सैन्य मुख्यालय में आयोजित की गई थी और इसमें सेना के कोर कमांडरों, प्रमुख स्टाफ अधिकारियों व सभी फॉर्मेशन कमांडरों ने हिस्सा लिया था।

बयान के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने की थी। इसमें कहा गया है, “बैठक में कुछ तत्वों द्वारा पाक सेना को बदनाम करने और संस्था व समाज के बीच दूरी पैदा करने के लिए हाल ही में चलाए गए दुष्प्रचार अभियान पर चर्चा की गई।”

बयान के मुताबिक, “पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। पाकिस्तानी सेना इसकी रक्षा के लिए सरकारी प्रतिष्ठानों के साथ हमेशा खड़ी रही है और बिना किसी समझौते के हमेशा खड़ी रहेगी।”

टॅग्स :पाकिस्तानइमरान खानQamar Javed Bajwaसोशल मीडियाsocial media
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

ज़रा हटकेVIRAL VIDEO: जब ट्रेन में जवानों के लिए 'देवदूत' बना टीटीई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दिल जीतने वाला पल

विश्व अधिक खबरें

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा