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भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की

By भाषा | Updated: September 2, 2021 22:31 IST

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पेंटागन ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस महीने के अंत में होने वाले 2+2 वार्ता से पहले, भारत और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा हित के कई क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के नये अवसरों पर चर्चा की।बुधवार को यहां संयुक्त सचिव स्तर की हुई बैठक के दौरान, अधिकारियों ने दक्षिण एशिया, पश्चिमी एशिया और पश्चिमी हिंद महासागर सहित साझा हित के कई क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय संपर्क, आतंकवाद का मुकाबला और मानवीय सहायता और आपदा राहत में सहयोग बढ़ाने के अवसरों की पहचान की। पांचवें अमेरिका-भारत 2 + 2 इंटरसेशनल डायलॉग की सह-अध्यक्षता हिंद-प्रशांत मामलों के लिए अमेरिका के सहायक रक्षा मंत्री डॉ एली रैटनर, दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए प्रधान उप सहायक मंत्री एर्विन मसिंगा, भारतीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सोमनाथ घोष और संयुक्त सचिव (भारतीय विदेश मंत्रालय) वाणी राव ने की। रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन माइनर्स ने कहा, ‘‘संवाद में जलवायु, सार्वजनिक स्वास्थ्य, रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और शासन सहित अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी शामिल थी।’’उन्होंने कहा कि कई रक्षा सक्षम समझौतों के साथ, अधिकारी अमेरिका और भारतीय सेनाओं के बीच अधिक अंतर-संचालन के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संयुक्त सेवा जुड़ावों के साथ-साथ अंतरिक्ष, साइबर और उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।मीनर्स ने कहा कि चर्चाएं सूचना-साझाकरण, रसद, रक्षा औद्योगिक सहयोग और संयुक्त सिद्धांत जुड़ाव पर प्रमुख द्विपक्षीय पहलों को संचालित करने की दिशा में प्रगति में मददगार रही।इंटरसेशनल ने आने वाले महीनों में एक उपयोगी 2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता की आधारशिला रखी, क्योंकि अमेरिका और भारत एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते हैं।मीनर्स ने कहा, ‘‘रैटनर ने विश्वास व्यक्त किया कि अमेरिका और भारत अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना जारी रखेंगे क्योंकि वे संयुक्त रूप से इस सदी की चुनौतियों का सामना करते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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