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भारत-अमेरिका ने प्रमुख रक्षा समझौते पर किए हस्ताक्षर, 'टू प्लस टू' वार्ता में सीमा पार आतंकवाद का भी उठा मुद्दा

By रामदीप मिश्रा | Updated: December 19, 2019 09:06 IST

टू प्लस टू' वार्ता वार्ता की अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओं के साथ रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के लिए भारत के अपने समकक्षों विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मेजबानी की।

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ठळक मुद्देभारत और अमेरिका के बीच दूसरी 'टू प्लस टू' वार्ता विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में बुधवार को हुई।इस वार्ता में भारत-अमेरिका के रक्षा संबंध और मजबूती मिली है।

भारत और अमेरिका के बीच दूसरी 'टू प्लस टू' वार्ता विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में बुधवार को हुई, जहां भारत-अमेरिका के रक्षा संबंध और मजबूती मिली है। दोनों देशों के बीच एक मुख्य सैन्य समझौते हुआ है। इस समझौते के तहद दोनों देशों ने भविष्य में सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर देंगे। 

इस दौरान भारत-अमेरिका ने सीमा पार आतंकवाद के खतरे पर भी चर्चा की है। इस दौरान अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा कि जब आपके पास इस तरह के एक महत्वपूर्ण संबंध हैं, तो यह हमें दुनिया की सभी बड़ी चुनौतियों के बारे में बात करने की क्षमता देता है, चाहे वह चीन, रूस या उत्तर कोरिया हो। भारत अमेरिका का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दोस्त है। इस वार्ता की अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओं के साथ रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के लिए भारत के अपने समकक्षों विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मेजबानी की। चारों नेता बैठक के लिए अपने-अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ मौजूद थे। इससे पहले सिंह और जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं थीं। रक्षा मंत्री के तौर पर अमेरिका की अपनी पहली यात्रा पर आए सिंह को पेंटागन के रिवर साइड प्रवेश द्वार पर सलामी दी गई थी। सिंह और एस्पर ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने और पड़ोसी देशों तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा की।

फॉगी बॉटम मुख्यालय में जयशंकर और पोम्पिओ ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। पहली टू प्लस टू वार्ता पिछले साल सितंबर में नयी दिल्ली में हुई थी। 

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