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हांगकांग संकटः अमेरिका करेगा चीन के साथ कारोबार करने वाले बैंकों पर कार्रवाई, संसद में बिल को दी मंजूरी

By रामदीप मिश्रा | Updated: July 3, 2020 10:22 IST

अमेरिका ने चीन को चेतावनी दी थी कि अगर उसने हांगकांग को 'निगलने' की कोशिश की तो चुप नहीं बैठेगा। चीन ने कभी ब्रिटेन का क्षेत्र रहे हांगकांग में बेहद सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया है।

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ठळक मुद्देचीन द्वारा हांगकांग में सुरक्षा कानून लागू करने के खिलाफ अमरिका ने कार्रवाई करने के लिए कदम उठाया है। अमेरिका का कहना है कि हांगकांग की स्वायत्तता का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

वाशिंगटनः अमेरिकी संसद ने हांगकांग में सुरक्षा कानून लागू करने के लिए जिम्मेदार चीनी अधिकारियों के साथ व्यापार करने वाले बैंकों को दंडित करने वाले बिल को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वान होलेन ने संसद में अपने भाषण में बिल का समर्थन करने के लिए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण है। हमारा समय इससे अधिक विकट नहीं हो सकता। 

इसी तरह रिपब्लिकन सीनेटर पैट टॉमी ने कहा कि इस बिल के माध्यम से अमेरिकी संसद स्पष्ट करती है कि हम किस पक्ष में हैं। विधेयक के अनुसार, हांगकांग की स्वायत्तता का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। 

अमेरिका ने दी थी चेतावनी

इससे पहले अमेरिका ने चीन को चेतावनी दी थी कि अगर उसने हांगकांग को 'निगलने' की कोशिश की तो चुप नहीं बैठेगा। चीन ने कभी ब्रिटेन का क्षेत्र रहे हांगकांग में बेहद सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया है। बेहद सख्त लहजे वाले एक बयान में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि यह हांगकांग के लोगों के लिये दुखद दिन है और चीन को नए प्रतिरोधी उपायों को लेकर चेतावनी भी दी जिनमें क्षेत्र को रक्षा और दोहरे इस्तेमाल वाली प्रौद्योगिकी के निर्यात को खत्म किया जाना शामिल है। 

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू क्यों किया लागू?

हांगकांग में मंगलवार को अमल में आया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून स्थानीय और चीनी अधिकारियों की जांच, अभियोजन और असंतुष्टों को सजा देने की शक्तियों में नाटकीय रूप से बढ़ोतरी करता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मंजूरी पा चुके इस कानून के तहत अलगाव, तोड़फोड़, आतंकवाद और विदेशी शक्तियों के साथ मिलीभगत अपराध है। ऐसे अपराध के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। 

अमेरिका ने बताया बेहद क्रूर कानून

चीन के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए पोम्पियो ने कहा था कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का हांगकांग पर बेहद क्रूर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने का फैसला इस क्षेत्र की स्वायत्तता और चीन की महान उपलब्धियों में से एक को नष्ट करता है। ब्रिटिश शासन ने हांगकांग को चीन को सौंपे जाने की 23वीं वर्षगांठ पर कहा था कि हांगकांग दुनिया को दिखाता है कि स्वतंत्र चीनी लोग क्या हासिल कर सकते हैं-दुनिया की सबसे सफल अर्थव्यवस्था और जीवंत समाज में से एक।

उन्होंने कहा था कि लेकिन अपने ही लोगों की अकांक्षाओं से चीन के 'उन्माद और डर' ने क्षेत्र की सफलता के आधार का मूल तत्व छीन लिया और 'एक राष्ट्र दो व्यवस्था' को 'एक राष्ट्र, एक व्यवस्था' में बदल दिया। अमेरिका हांगकांग के आजादी पसंद लोगों के साथ खड़ा रहेगा। 

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