लाइव न्यूज़ :

आधी वैश्विक आबादी सामान्य रोगों की पहचान करने वाली मूलभूत जांच से दूर : लांसेट

By भाषा | Updated: October 7, 2021 16:37 IST

Open in App

वाशिंगटन, सात अक्टूबर विश्व की करीब आधी के आबादी के पास मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एचआईवी और तपेदिक(टीबी) जैसे कई रोगों की पहचान के लिए मूलभूत जांच की सुविधाएं नहीं हैं। द लॉंसेट कमीशन ऑन डायग्नोस्टिक्स के नेतृत्व वाले एक विश्लेषण में यह दावा किया गया है।

कमीशन 16 देशों के करीब 25 विशेषज्ञों को एक मंच पर लेकर आया है, जिन्होंने इस बात का जिक्र किया कि सटीक, उच्च गुणवत्ता और वहनीय जांच के अभाव में कई लोगों का अत्यधिक उपचार, कम उपचार या बिल्कुल ही उपचार नहीं होगा।

कमीशन ने नैदानिकी अंतराल को पाटने, पहुंच बढ़ाने और उच्च आय वाले देशों के अलावा अन्य देशों में नैदानिकी का विकास करने की अपील की है।

नैदानिकी अहम जांचों का एक समूह है जो मरीज के स्वास्थ्य को समझने के लिए आवश्यक है।

रिपोर्ट के लेखकों ने यह जिक्र किया है कि कोविड-19 महामारी का एक तत्काल सबक समय पर और सटीक जांच का महत्व है।

उन्होंने कहा कि उच्च आय वाले देशों में निजी क्षेत्र के अतिरिक्त मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशलाओं का उपयोग जांच की सुविधा तेजी से बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा है।

हालांकि, इस बुनियादी ढांचे के अभाव का सामना कर रहे निम्न और मध्यम आय वाले कई देश जांच की पूर्ण क्षमता प्राप्त करने तक नहीं पहुंच पाए हैं।

ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्राध्यापक व कमीशन प्रमुख केनीथ फ्लेमिंग ने कहा, ‘‘दुनिया के ज्यादातर देशों में अहम जांच की सुविधा नहीं रहने की स्थिति में ही मरीज का इलाज किया जाता है। यह आंख मूंद कर इलाज करने जैसा है। यह न सिर्फ मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है बल्कि मेडिकल संसाधनों की भी बर्बादी है। ’’

विश्लेषण में कई हैरान कर देने वाली चुनौतियों का जिक्र किया गया है और रिपोर्ट में इनसे निपटने के लिए सुझाव दिये गये हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने जांच को राजनीतिक एवं वैश्विक स्वास्थ्य एजेंडा के शीर्ष पर ला दिया और यह सभी रोगों के लिए जांच सुनिश्चित करने का एक अहम मोड़ हो सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारRBI MPC Meeting: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने 5.25% को रखा बरकरार; नहीं बढ़ेगी आपकी ईएमआई

भारतनहीं रहीं मोहसिना किदवई, उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक, 5 दशकों तक छाई रहने वाली कांग्रेस दिग्गज नेता का निधन

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

विश्व अधिक खबरें

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

विश्वजो खुद को नायक कहता है, खलनायक से भी अधिक भयावह लगता है!