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अमेरिका ने कहा- कोरोना के आरोपों से ध्यान हटाने के लिए, दक्षिण चीन सागर में चीन कर रहा है आक्रामक व्यवहार

By भाषा | Updated: May 6, 2020 12:39 IST

अमेरिका लगातार कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर चीन पर सच्चाई छुपाने का आरोप लगाता रहा है। अब अमेरिका ने कहा है कि चीन की सेना दक्षिण चीन सागर में आक्रामक रूख अपना रही है।

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ठळक मुद्देअमेरिका ने चीन पर दक्षिण चीन सागर में आक्रामक रूख अपनाने का आरोप लगायाअमेरिका ने कहा- कोरोना से ध्यान हटाने के लिए चीन कर रहा है ऐसी कोशिश

अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मंगलवार को कहा कि चीन की सेना दक्षिण चीन सागर में आक्रामक रूख अपना रही है। अमेरिका के अनुसार ‘चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी’ ने कोरोना वायरस को लेकर उस पर लग रहे आरोपों से ध्यान भटकाने और अपनी छवि को सुधारने के लिए झूठी सूचनाएं फैलाने का अभियान तेज कर दिया है।

एस्पर ने पेंटागन में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ ‘चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी’ ने आरोपों से ध्यान भटकाने और अपनी छवि सुधारने के लिए गलत सूचनाएं फैलाने का अपना अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ ही हम दक्षिण चीन सागर में पीएलए (पीपल्स लिबरनेशन आर्मी) का आक्रामक व्यवहार लगातार देख रहे हैं। फिलीपीन के नौसैन्य पोत को धमकाने, मछलियां पकड़ने वाली वियतनाम की नौका डुबाने और अन्य देशों को अपतटीय तेल एवं गैस संबंधी गतिविधियों को लेकर डराने-धमकाने के मामले इसी व्यवहार को दर्शाते हैं।’’

एस्पर ने कहा कि कई देश वैश्विक महामारी के कारण अपने आंतरिक मामलों से जूझ रहे हैं और इसी बीच अमेरिका के रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी अपने लाभ की खातिर दूसरों की कीमत पर इस संकट का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि चीन कोरोना वायरस को लेकर शुरुआत से ही पारदर्शी नहीं रहा है। एस्पर ने कहा कि यदि चीन अधिक पारदर्शी रहा होता तो ‘‘हम इस वायरस को समझ सकते थे’’ और संभवत: दुनिया इस स्थिति में नहीं होती , जिस हालात में वह इस समय है।

उन्होंने कहा कि चीन को अमेरिका को इस बीमारी के शुरुआती मरीजों, चीनी अनुसंधानकर्ताओं और वैज्ञानिकों से बात करने और उन तक पहुंच की अनुमति देनी चाहिए। एस्पर ने कहा , ‘‘उसने जो कुछ भी किया या वह जो कुछ भी करने में असफल रहा, उसके बाद अब वह यह कहना चाहता है कि हमारे पास मास्क हैं। हम आपको मास्क देंगे, हम आपको यह देंगे , वह देंगे, हम आपको आर्थिक मदद देंगे। देखिए, हम कितनी अच्छी चीजें कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह जानते हैं कि वह मास्क मुहैया करा रहा है, वह आपूर्ति कर रहा है, लेकिन कई मामलों में ये अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं। वे वह काम नहीं करते, जो उनसे अपेक्षा होती है। ये टूटे हुए उपकरण होते है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे (चीन) देशों से कह रहे हैं कि आप ये मास्क लीजिए, लेकिन कृपा कर सार्वजनिक तौर पर यह कहिए कि हम कितना अच्छा काम कर रहे हैं, वगैरह, वगैरह।’’ एस्पर ने कहा, ‘‘वे कई चीजों से अपनी छवि बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

 

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