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यूक्रेन संकट के बहाने चीन की धमकी! कहा- नाटो के विस्तार जितनी घातक है अमेरिका की हिंद-प्रशांत नीति

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 21, 2022 07:27 IST

चीन ने कहा है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'ब्लॉक आधारित विभाजन' नाटो के विस्तार की तरह ही खतरनाक है। चीन के उप विदेश मंत्री ले युचेंग के अनुसार यूक्रेन संकट इस क्षेत्र के लिए भी एक आईना है।

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ठळक मुद्देQUAD जैसे समूहों की ओर से संकेत देते हुए चीन ने इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया है।QUAD समूह में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हैं, चीन इस ग्रुप को अपने खिलाफ मानता है।चीन ने कहा कि नाटो की तरह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'ब्लॉक आधारित विभाजन' खतरनाक साबित हो सकते हैं।

बीजिंग: रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच चीन ने 'क्वाड' (QUAD) जैसे समूहों की ओर संकेत करते हुए और इसके यूरोप में 'नाटो' के विस्तार से तुलना करते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए खतरनाक बताया है। चीन इस क्षेत्र को एशिया-प्रशांत क्षेत्र कहता है। चीन के एक वरिष्ठ राजनयिक ने ये बात कही है। उन्होंने कहा कि कहा है कि अमेरिका की हिंद-प्रशांत नीति यूरोप में पूर्व की तरफ विस्तार की नाटो की नीति जितनी ही ‘खतरनाक’ है।

चीन के उप विदेश मंत्री ले युचेंग ने शनिवार को सिंघुआ यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर फॉर इंटरनेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रेटेजी’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'यूक्रेन का संकट हमारे लिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति का एक आईना है। हम पूछ सकते हैं कि ऐसे संकट को एशिया-प्रशांत में होने से कैसे रोक सकते हैं?'

उन्होंने कहा कि सोवियत संघ के विघटन के बाद उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को भी वारसा संधि के साथ इतिहास के पन्नों में समेट दिया जाना चाहिए था। युचेंग ने कहा, 'हालांकि, टूटने के बजाय नाटो का दायरा लगातार बढ़ता और मजबूत होता जा रहा है। इसके नतीजों का अंदाजा अच्छी तरह से लगाया जा सकता है। यूक्रेन संकट एक कड़ी चेतावनी है।' 

'नाटो की योजना से रूस की असुरक्षा की भावना बढ़ गई'

ले युचेंग के अनुसार कीव को शामिल करने की नाटो की योजना ने रूस की असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया, जिसके चलते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया। भारत में चीन के राजदूत रह चुके युचेंग ने कहा, 'सभी पक्षों को संयुक्त रूप से बातचीत और सुलह-समझौते के मंच पर आने में रूस और यूक्रेन का समर्थन करना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकेगी।' 

उल्लेखनीय है कि युचेंग के बारे में माना जा रहा है कि इस साल नेतृत्व में फेरबदल होने पर वह मौजूदा चीनी विदेशमंत्री वांग यी का स्थान लेंगे। युचेंग ने कहा, 'हिंद-प्रशांत रणनीति को आगे बढ़ाना, परेशानी को बढ़ाना, बंद या छोटे विशिष्ट केंद्रों अथवा समूहों को एक साथ लाना और क्षेत्र को विखंडन तथा ब्लॉक-आधारित विभाजन की ओर ले जाना उतना ही खतरनाक है, जितना यूरोप में पूर्व की तरफ विस्तार करने की नाटो की रणनीति।' 

उन्होंने चेताया, 'अगर इस रणनीति को बिना रोक-टोक के जारी रहने दिया गया तो इसके अकल्पनीय परिणाम होंगे और यह अंततः एशिया-प्रशांत को रसातल में धकेल देगी।'

(भाषा इनपुट)

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