लाइव न्यूज़ :

नगोरनो-काराबाख को लेकर आर्मीनिया और अजरबैजान युद्धविराम पर हुए सहमत, मॉस्को में 10 घंटे चली बात

By विनीत कुमार | Updated: October 10, 2020 07:56 IST

आर्मीनिया और अजरबैजान पिछले कई दिनों से जारी संघर्ष के बाद आखिरकार संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों की ओर से बयान जारी कर इस बारे में घोषणा की गई। मॉस्को में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच बातचीत हुई।

Open in App
ठळक मुद्देआर्मीनिया और अजरबैजान संघर्ष विराम पर सहमत, मॉस्को में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच बातचीतमॉस्को में 10 घंटे तक चली दोनों देशों के राजनयिकों के बीच बातचीत, रूस के विदेश मंत्री ने दी जानकारी

नगोरनो-काराबाख क्षेत्र को लेकर जारी संघर्ष के बीच आर्मीनिया और अजरबैजान ने सीजफायर पर सहमति जताई है। ये सीजफायर शनिवार दोपहर से लागू होगा। दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों ने एक बयान जारी कर कहा कि युद्धविराम के तहत दोनों देश बंदियों सहित मृतकों के शव को को एक-दूसरे को लौटाएंगे। साथ ही कहा गया कि इस संधि को लेकर और विस्तृत विवरण बाद में साझा किया जाएगा।

यह घोषणा मॉस्को में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच करीब 10 घंटे की वार्ता के बाद हुई। इसमें रूस के विदेश मंत्री सर्जी लावरोव ने भी अहम भूमिका निभाई। लावरोव ने कहा कि युद्धविराम से बातचीत का रास्ता खुलेगा और विवादित मुद्दों को निपटाया जा सकेगा।

बता दें कि दोनों देशों के बीच हालिया संघर्ष 27 सितंबर को शुरू हुआ था। 1994 में खत्म हुए युद्ध के बाद इस इलाके में ये सबसे गंभीर संघर्ष है। इसमें अब तक सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। नगोरनो-काराबाख क्षेत्र को लेकर ये जंग शुरू हुई थी। ये क्षेत्र अजरबैजान के तहत आता है लेकिन इस पर स्थानीय आर्मीनियाई बलों का नियंत्रण है। 

मौजूदा संघर्ष के तहत दोनों ही देशों ने उन शहरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है जो संघर्ष वाले क्षेत्र से काफी दूर हैं। नगोरनो-काराबाख के अधिकारियों ने कहा कि अब तक इस संघर्ष में उनके पक्ष के करीब 300 से ज्चादा कर्मचारी मारे गए हैं। इसके अलावा 18 आम नागरिक मारे गए हैं जबकि 90 से अधिक घायल हैं।

ये युद्ध इसलिए भी खतरनाक साबित होती जा रही थी क्योंकि अन्य देशों के इसमें शामिल होने की आशंका बढ़ती जा रही थी। हाल में आर्मीनिया ने आरोप लगाया था कि तुर्की भी इस संघर्ष में अजरबैजान का साथ दे रहा है और सीरिया से अपने लड़ाकों को इस क्षेत्र में भेज रहा है। हालांकि, तुर्की ने ऐसे आरोपों को खारिज किया। 

टॅग्स :रूस
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वRussia Plane Crash: रूसी सैन्य विमान क्रीमिया में क्रैश, 29 यात्रियों की गई जान, तकनीकी चूक का संदेह

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्ववोलोडिमिर जेलेंस्की का दावा; रूस-ईरान ने मिलाया हाथ? पेश किए खुफिया सहयोग के सबूत

ज़रा हटकेVladimir Putin घुटनों पर बैठे! गोल्ड मेडलिस्ट को ऐसे सम्मानित किया, वीडियो वायरल

विश्वमुफ्त टिकट और 2600 डॉलर बोनस, स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ दें?, अवैध अप्रवासियों से परेशान ट्रंप, ताजमहल, कोलंबिया और चीन के प्रमुख स्थलों की तस्वीरों का इस्तेमाल?

विश्व अधिक खबरें

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल