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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दुनिया को दी चेतावनी, कहा- चीन को विभाजित करने की कोशिश तो कुचल देंगे

By भाषा | Updated: October 14, 2019 06:03 IST

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के साथ रविवार को अपनी बैठक के दौरान शी ने कहा, ‘‘ जो कोई भी चीन को विभाजित करने की कोशिश करेगा उसे कुचल दिया जाएगा ।’’

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ठळक मुद्देचीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को चेतावनी दी कि चीन को विभाजित करने की जो कोई कोशिश करेगा, उसे ‘कुचल दिया जाएगा’। उन्होंने यहां नेपाल के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक वार्ता की और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सहयोग की रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को चेतावनी दी कि चीन को विभाजित करने की जो कोई कोशिश करेगा, उसे ‘कुचल दिया जाएगा’। उन्होंने यहां नेपाल के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक वार्ता की और दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सहयोग की रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया तथा एक ‘ट्रांस हिमालयन’ रेलवे लाइन बिछाने की योजना सहित कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

शी ने शनिवार को नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के साथ अपनी बैठक के दौरान नेपाल के विकास कार्यक्रमों के लिये 56 अरब नेपाली रुपये की मदद की घोषणा की। पिछले 23 बरसों में नेपाल की यात्रा करने वाले शी पहले चीनी राष्ट्रपति हैं। चीनी राष्ट्रपति ने काठमांडू और तातोपानी ट्रांजिट बिंदु को जोड़ने वाले अरनिको हाईवे का उन्नयन करने का संकल्प लिया। इसे नेपाल में आये 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद बंद कर दिया गया था।

उन्होंने संपर्क बढ़ाने के लिये और अधिक सीमा चौकियां खोलने का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ट्रांस हिमालयन रेलवे के लिए एक व्यवहार्यता अध्ययन जल्द शुरू किया जाएगा और चीन केरूंग-काठमांडू सुरंग मार्ग के निर्माण में भी मदद करेगा।

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के साथ रविवार को अपनी बैठक के दौरान शी ने कहा, ‘‘ जो कोई भी चीन को विभाजित करने की कोशिश करेगा उसे कुचल दिया जाएगा ।’’

नेपाल में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु समर्थकों पर नकेल कसने के लिये काठमांडू पर बीजिंग के दबाव बनाये जाने के बीच शी की ये टिप्पणियां आई हैं। तिब्बत के साथ नेपाल एक लंबी सीमा साझा करता है और करीब 20,000 निर्वासित तिब्बती इस देश में रहते हैं। बीजिंग भारत में स्वनिर्वासन में रह रहे दलाईको चीन को विभाजित करने की कोशिश करने के वाले एक अलगाववादी के तौर पर देखता है।

ओली ने कहा कि नेपाल चीन को उसकी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की हिफाजत करने में पूरा समर्थन करता है तथा एक चीन की नीति के प्रति दृढ़ता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश सच्चे मित्र एवं साझेदार हैं। एक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि उन्होंने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सहयोग की रणनीतिक साझेदारी पर पहुंचाने का फैसला लिया है।

बयान में कहा गया है कि नेपाल और चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को व्यापक रूप से सभी क्षेत्रों में परस्पर फायदेमंद सहयोग को मजबूत करने के एक अवसर के तौर पर देखते हैं। शी ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ भी रविवार को वार्ता की। शी ने उन्हें चीनियों का एक अच्छा और पुराना मित्र बताया। 

टॅग्स :जी जिनपिंगचीननेपाल
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