लाइव न्यूज़ :

अमेरिका, ईयू के दबाव के बीच शी-पुतिन ने डिजिटल शिखर बैठक कर चीन-रूस गठजोड़ को मजबूती दी

By भाषा | Updated: December 15, 2021 22:32 IST

Open in App

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 15 दिसंबर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को डिजिटल माध्यम से एक शिखर बैठक की।

उन्होंने यह बैठक, मानवाधिकारों से लेकर यूक्रेन की सीमा के निकट रूसी सैनिकों के जमावड़े समेत कई मुद्दों पर उनके खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा बढ़ाई जा रही मुश्किलों का मुकाबला करने के लिए एक रणनीतिक गठबंधन बनाने के अपने प्रयासों के तहत की।

वीडियो शिखर बैठक हाल के हफ्तों में यूक्रेन की सीमा के पास हजारों रूसी सैनिकों के जमावड़े को लेकर तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ। रूसी सैनिकों की सीमा पर तैनाती एक ऐसा कदम है, जिसे लेकर कीव और पश्चिम ने आशंका जताई है कि मास्को एक नए आक्रमण की योजना बना रहा है।

रूस ने यूक्रेन पर हमला करने की किसी भी योजना से इनकार किया है और युद्धग्रस्त देश में अपने सैन्य जमावड़े के लिए कीव को दोषी ठहराया है।

यह शिखर बैठक सात दिसंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ पुतिन की इसी तरह की डिजिटल बैठक के लगभग आठ दिन बाद हुई है।

जैसे ही उन्होंने बुधवार की बैठक शुरू की, पुतिन ने हाथ हिलाकर शी का स्वागत किया और उन्हें अपना “प्रिय मित्र” कहा।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने बताया कि चीनी नेता ने उसी इशारे और मुस्कान के साथ जवाब दिया।

पुतिन ने कहा, “निरंतर स्वच्छता और महामारी संबंधी प्रतिबंधों के बावजूद हम स्थायी संपर्क बनाए रखते हैं।”

शी के 2013 में चीन के राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद से वह और पुतिन 36 बार मिल चुके हैं। रूसी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, इन बैठकों में जून में आयोजित वीडियो लिंक के माध्यम से एक बैठक भी शामिल है।

दोस्ती के एक प्रमुख संकेत में, पुतिन ने कहा कि वह 2022 के बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक में अगले साल फरवरी में शरीक होकर शिनजियांग प्रांत में उइगुर मुसलमानों के खिलाफ चीन के मानवाधिकार हनन को उजागर करने के लिए अमेरिका द्वारा आयोजित किए जा रहे राजनयिक बहिष्कार की धार को कुंद कर देंगे।

पुतिन ने चीन के इस रुख का भी समर्थन किया कि ताइवान उसकी मुख्य भूमि का अभिन्न अंग है।

पुतिन ने कहा कि रूस ताइवान के सवाल पर चीनी सरकार की न्यायोचित स्थिति का कट्टर समर्थक होगा और चीन के हितों को कमजोर करने के लिए ताइवान के मुद्दे का इस्तेमाल करने वाली किसी भी ताकत का डटकर विरोध करेगा।

अपने संबोधन में शी ने कहा कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों की आड़ में कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें चीन और रूस के आंतरिक मामलों में दखल दे रही हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून को कुचल रही हैं।

चीन की सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने शी के हवाले से कहा, “चीन और रूस को दोनों पक्षों के सुरक्षा हितों की अधिक प्रभावी ढंग से रक्षा करने के लिए अपने संयुक्त प्रयासों को बढ़ाना चाहिए।”

मास्को टाइम्स ऑनलाइन अखबार की खबर के मुताबिक पुतिन ने कहा कि उन्हें लगता है कि “ ये संबंध 21 वीं सदी में अंतर-राज्यीय सहयोग का एक वास्तविक उदाहरण” हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRCB vs CSK: चेन्नई सुपर किंग्स की लगातार तीसरी हार, आरसीबी ने 43 रन से जीता बैक-टू-बैक दूसरा मुकाबला

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्व अधिक खबरें

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल