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JNU हिंसा के बाद ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #ResignAmitShah, यूजर्स ने किए ऐसे-ऐसे कमेंट्स

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 6, 2020 15:04 IST

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार को हुई हिंसा के बाद लोग गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साध रहे हैं। दूसरी तरफ सोशल मीडिया में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की जा रही है। ट्विटर पर #ResignAmitShah ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स खुलकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं।

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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार को हुई हिंसा के बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया में अमित शाह के इस्तीफे की मांग की जा रही है। ट्विटर पर #ResignAmitShah ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स खुलकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं। 

मोहसिन नाम के यूजर ने एक अखबार की तस्वीर लगाते हुए लिखा कि लोगों को इस बारे में सोचना चाहिए। अमित शाह इस्तीफा दो।

विनोद कापड़ी नाम के यूजर ने लिखा, 'जब पीटना था, तब कैम्पस में घुसे। जब पिटने देना था, तब कैम्पस में नहीं घुसे। ये देश की राजधानी की पुलिस है।'

अनिरुद्ध सिंह ने लिखा कि देश को कितना कमजोर गृहमंत्री मिला है कि राजधानी में भी कानून व्यवस्था नहीं सभाल सके। उन्हें निश्चित रूप से इस्तीफा देना चाहिए।

फैजान ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'जेएनयू गेट के बाहर नारे लग रहे हैं देश के गद्दारों को, गोली मारों सालों को। अध्यापकों का ऐसा सरेआम बेइज्जत होना देखा नहीं जा रहा।'

आशुतोष ने लिखा कि जेएनयू के वीसी को फौरन हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने इतना नकारा वाइस चांसलर कभी नहीं देखा जो अपने ही छात्रों और अध्यापकों के खिलाफ हो। उसकी जेएनयू में कोई जगह नहीं है।

एआईएमआईएम के मुखिया और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि इन लोगों को सत्ता से हरी झंडी मिली हुई थी। उन्होंने कायरता से अपने चेहेरे ढके हुए थे और जेएनयू में प्रवेश की अनुमति दी गई। सबसे बुरी बात है कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसमें पुलिस उन्हें सुरक्षित निकलने दे रही है।'

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) में हमला करने वालों को संरक्षण देने का सोमवार को आरोप लगाया और कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''मोदी जी और अमित शाह जी ने छात्रों पर दमन चक्र चलाकर नाजी शासन की याद 90 साल बाद दिला दी। जिस तरह से छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों पर हमला किया गया और जिस प्रकार पुलिस मूकदर्शक बनी रही, वह दिखाता है कि देश में प्रजातंत्र का शासन नहीं बचा है।'' 

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)अमित शाह
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