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'यकीन है अमित शाह की डिग्री जरूर फर्जी है', सावरकर के बारे में गृहमंत्री ने दिया ऐसा बयान कि जमकर उड़ाया जा रहा है मजाक

By पल्लवी कुमारी | Updated: October 18, 2019 09:46 IST

बीजेपी ने महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव 2019 के लिए घोषणा पत्र में कहा था कि पार्टी वी सावरकर को भारत रत्न देने की मांग करेगी। जिसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया है।

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ठळक मुद्देगृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार (16 अक्टूबर) को वाराणसी में एक रैली में यह भाषण दिया था। अमित शाह ने कहा, अगर वीर सावरकर नहीं होते तो 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इतिहास में दर्ज नहीं हो पाता।

गृहमंत्री अमित शाह अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। अमित शाह ने भाषण के दौरान कहा, ''वीर सावरकर न होते तो 1857 की क्रांति भी इतिहास न बनती। वीर सावरकर ने ही 1857 को पहला स्वतंत्रता संग्राम का नाम दिया।'' अमित शाह के इस भाषण को ट्वीट के रूप में बीजेपी उत्तर प्रदेश के अधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी अपने पेज पर शेयर किया है। अमित शाह भाषण में दिए गलत फैक्ट को लेकर ट्रोल हो गए। गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार (16 अक्टूबर) को वाराणसी में एक रैली में यह भाषण दिया था। 

अमित शाह के इस भाषण के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने वैरिफाइड ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ''अब तो यकीन हो गया है कि अमित शाह की डिग्री भी जरूर फर्जी है। अंग्रेजों से माफी मांगने वाले सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 में हुआ था, तो बिना पैदा हुए 1857 की क्रांति कैसे कर दी? गृह मंत्री को तुरंत सर्वशिक्षा अभियान के तहत फिर से स्कूल भेजा जाए।''

स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर 'आपत्तिजनक पोस्ट' करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 

बता दें कि वीर सावरकर का जन्म  28 मई, 1883 में हुआ था और उनका निधन 26 फरवरी 1966 को हुआ था। अमित शाह अपने इस भाषण को लेकर ट्विटर पर काफी ट्रोल किए जा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा,अनपढ़ भक्त इसको भी लाइक कर रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, कि पता नहीं शाह ने किस स्कूल से पढ़ाई की है।

वहीं एक वैरिफाइड यूजर ने लिखा, करते तो आप लोग कुछ हैं नहीं ,सावरकर जी ना होते तो कहने को भी कुछ ना होता आपके पास। चुनी हुई सरकारें हमारे वर्तमान और भविष्य की चिंता में दिखती तो ज़्यादा बेहतर होता, इतिहास की जानकारी के लिए धन्यवाद कुछ जनता की बुनियादी ज़रूरतों के बारे में बोलेंगे या इतिहास पढ़ाकर काम चला लेंगे ?

बता दें कि बीजेपी ने महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव 2019 के लिए घोषणा पत्र में कहा था कि पार्टी सावरकर को भारत रत्न देने की मांग करेगी। इसका कांग्रेस नेताओं ने सावरकर को गांधीजी की हत्या की साजिश रचने वाला बताया था। शाह ने वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इन्हीं बयानों का जवाब दिया। इसी का जवाब देतते हुए अमित शाह ने वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कहा था कि अगर वीर सावरकर नहीं होते तो 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इतिहास में दर्ज नहीं हो पाता।

टॅग्स :अमित शाहभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)वाराणसी
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