आतंकी या आतंकवादी, ये पूरी दुनिया के लिए परेशानी की वजह हैं। ये वो लोग हैं जो दुनियाभर में दशहत का माहौल फैलाना चाहते हैं। वे इसके लिए वे हथियार, गोला-बारूद, बंदूक का इस्माल करते हैं। आमतौर पर इनका संगठन होता है, जैसे मौजूदा दौर का सबसे बड़ा आतंकी संगठन आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट है। इसके अलावा तालिबान, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन आदि प्रमुख आतंकी संगठन है। जबकि अब तक के सबसे बड़े आतंकी के तौर पर ओसमा बिन लादेन को जाना जाता है। Read More
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान आतंकी हमले की केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की चेतावनी को देखते हुए जम्मू पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अफसरों और मुलाजिमों को 30 जनवरी तक छुट्टियां नहीं लेने के लिए कहा गया है। ...
अली शाह ने एनआईए को बताया कि दाऊद इब्राहिम ने अभी तक अपनी पहली पत्नी मेहजबीन शेख को तलाक नहीं दिया है। अली मुताबिक, दाऊद की दूसरी शादी महजबीन से जांच एजेंसियों का फोकस हटाने की कोशिश भी हो सकती है। ...
इन आतंकवादियों को विभिन्न राज्यों में लक्षित हमलों को अंजाम देने का काम सौंपा गया था। ताजा घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस को मॉड्यूल में 8 लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस को इस समय भारत में चार संदिग्धों की संभावित मौजूदगी का संदेह है। ...
आंकड़ों में कहा गया है कि 2021 और 2022 के दौरान कुल 4786 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिसमें 2021 में 2242 और 2022 में 2544 शामिल हैं, जो कश्मीर में आग लगने की 302 घटनाओं के बढ़ने का संकेत देता है। ...
राजौरी व पुंछ जिलों को दहलाने की खातिर जहां पाकिस्तान सेना एलओसी पर घुसपैठ के प्रयासों में तेजी ला चुकी है वहीं अन्य इलाकों से भी आतंकियों का रुख इन जिलों की ओर हो चुका है। ...
आपको बता दें कि मारे गए दो आंतकियों पर बोलते हुए सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक ट्वीट किया था। ट्वीट में लिखा था, ‘डांगरी हमले में शामिल आतंकियों को पकड़ने के लिए आपरेशन जारी है। और बालाकोट में एलओसी पर सतर्क सैनिकों ने अब तक दो आतंकियों का पता लगाकर ...
शनिवार राजौरी में आतंकी हमले में मारे गए 6 नागरिकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग डांगरी गांव में जमा हुए। वहीं रविवार को अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि प्रिंस नाम के और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। प्रिंस का सरकारी मेडिकल ...
आपको बता दें कि हाईवे पर आतंकी हमले की संभावना का आकलन करते हुए उसे विभिन्न सेक्टरों में बांटते हुए आवश्यकता अनुसार सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ाई गई है। यही नहीं जम्मू रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की सुरक्षा कड़ी की गई है साथ ही नाकों पर सैनिकों की संख्या भ ...