अफगानिस्तान के कंधार में एक शिया मस्जिद में विस्फोट के बाद 16 लोगों के मौत और 40 लोगों के घायल होने की खबर आ रही है । अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद स्थिति बेहद खराब होती जा रही है । ...
मंगलवार को सेना के साथ आतंकियों की गोलाबारी भी हुई पर अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। सेना और पुलिस के सैकड़ों जवान पुंछ के डेरा की गली से लेकर थन्नामण्डी तक इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रहे हैं। ...
छले हफ्ते एक सिख स्कूल के प्रिंसिपल और कश्मीरी हिंदू शिक्षक की आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद असुरक्षित महसूस कर घाटी छोड़ने वाले कर्मचारियों ने इसे प्रशासन की असंवेदनहीनता करार दिया है. ...
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सेना के जवानों को बड़े पैमाने पर सबसे पहले जम्मू में 14 मई 2002 को निशाना बनाया गया था जब आतंकियों ने कालूचक गैरीसन में सेना के फैमिली र्क्वाटरों में घुसकर कत्लेआम मचाते हुए 36 से अधिक जवानों और उनके परिवारों के सदस्यों को ...
एलओसी से सटे पुंछ और राजौरी के जुड़वा जिलों की सीमा पर कल हुई मुठभेड़ में पांच सैनिकों की शहादत जम्मू संभाग में कोई पहली नहीं है बल्कि आतंकवाद की शुरुआत के साथ ही जम्मू संभाग भी कभी भी आतंकी हमलों और सैनिकों की शहादत से अछूता नहीं रहा है। ...
सरकार इसे पलायन नहीं मानती है बल्कि कहती है कि उन्होंने उन कश्मीरी पंडित परिवारों को 10 दिनों की छुट्टी दी है जो सरकारी नौकरी के बदले में कश्मीर लौटने को तैयार हुए थे। पर जम्मू वापस आने वाले और जम्मू में शरण लेने वाले इन कश्मीरी पंडित परिवारों का कहन ...
पांच दिनों के भीतर 7 नागरिकों (जिनमें 4 अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित थे) की हत्याओं के प्रति एक चौंकाने वाला तथ्य यह था कि पुलिस को आतंकी योजनाओं की खबर तीन से चार माह पहले मिली थी पर बावजूद इसके इन मौतों को रोका नहीं जा सका। इतना जरूर था कि सुरक्षा ...