सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
शीर्ष न्यायालय ने आठ मई को कहा था कि वह समूह की सभी 15 प्रमुख आवासीय परिसंपत्तियों पर मालिकाना हक नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को दे सकती है क्योंकि वह 42,000 घर खरीदारों के प्रति प्रतिबद्धता को पूरा करने में विफल रहा है। ...
कर्नाटक में जल्द से जल्द शक्ति परीक्षण कराने की दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को इनकार कर दिया। हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि वह याचिका पर मंगलवार को विचार कर सकती है। ...
निर्दलीय विधायकों आर. शंकर और एच. नागेश की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि उन्होंने कर्नाटक मामले में ताजा याचिका दायर की है और मामले की तुरंत सुनवाई का अनुरोध कर रहे हैं। ...
1992 के अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी- इन पांच समुदायों को मजहब के आधार पर अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया गया था. इन पांचों को ही क्यों, अन्य 50 को क्यों नहीं? मजहब के नाम पर 1947 में यह मुल्क टूटा और उसी आधार को आपने फिर ...
शाम छह बजे तक भाषा की विभिन्न फाइलों से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं :असम एनआरसीकेन्द्र और असम सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी में गलत तरीके से लोगों के नाम शामिल करने और बाहर रखने का आरोप लगाते हुये उच्चतम न्यायालय से इसे अंतिम रूप देने की के लि ...
बाबरी मस्जिद विध्वंस प्रकरण: न्यायमूर्ति रोहिंग्टन नरिमन और न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा कि इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज करने का काम छह महीने के भीतर पूरा किया जाये। ...
केंद्र ने कहा कि असम में एनआरसी में गलत तरीके से कुछ लोगों को शामिल किये जाने और कुछ लोगों को उससे बाहर रखे जाने का पता लगाने के लिए 20 फीसद नमूना सर्वेक्षण के सत्यपान की अनुमति दी जाए। केंद्र और असम सरकारों ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि हमें एनआरसी ...
पिछले साल 17 जुलाई को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि “भीड़तंत्र के भयानक कृत्यों” को कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती और लिंचिंग एवं गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों से निपटने के लिए दिशा ...