सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
निर्भया की मां ने दोषियों की फांसी में देरी को लेकर सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया। कहा कि मुजरिमों को सपॉर्ट कर रहा है सिस्टम। उन्होंने कहा कि वह अदालत के फैसले से “निराश” हैं। उन्होंने कहा, “दोषियों को एक और मौका दिया गया। उनके अधिकारियों पर इतना क्यो ...
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस यहां कड़ी निगरानी कर रही है ताकि स्थिति काबू में रहे। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान शांति का माहौल सुनिश्चित करने के वास्ते समूहों में क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। ...
साल 2012 के 16 दिसंबर को एक चलती बस में 23 वर्षीय निर्भया (बदला हुआ नाम) के साथ सामूहिक गैंगरेप हुआ था और उसे बस से बाहर सड़क के किनारे फेंक दिया था। इस घटना की निर्ममता के बारे में जिसने भी पढ़ा-सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। ...
पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया के माता-पिता ने याचिका दायर कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की मांग की थी। इसके लिए कोर्ट से डेथ वारंट मिलने पर जेल प्रशासन दोषियों को फांसी देगा। ...
दोषियों की आरे से पेश हुए वकील ए. पी सिंह ने अदालत से कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु और जल प्रदूषण की वजह से पहले ही लोगों की उम्र कम हो रही है और इसलिए दोषियों को मौत की सजा देने की कोई जरूरत नहीं है। ...
दोषी के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में तीन न्यायमूर्तियों की पीठ के समक्ष दलील दी की 2012 में पीड़िता ने मरने से पहले दिए अपने स्वैच्छिक बयान में उसके साथ वारदात करने वालों में से किसी का भी नाम नहीं लिया था। वकील ने कहा कि पीड़िता ने मरने से पहल ...
शीर्ष अदालत ने सुबह साढ़े दस बजे सुनवाई शुरू की थी लेकिन मामले पर फैसला एक बजे तक रोक लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा है कि यह 'पुनर्विचार' के लायक ही नहीं थी। ...
वकील एपी सिंह का यह भी कहना था कि निर्भया के साथ चलती बस में 21 मिनट मे 6 लोग रेप नहीं कर सकते हैं। ऐसा करना संभव ही नहीं है। ऐसे में मौत की केस में अक्षय को सजा नहीं दी जानी चाहिए। ...