समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
साल 2000 में कन्नौज से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को आधी रात के बाद से सदस्यता खत्म हो जाएगी। ...
एसआईटी पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में जल निगम में हुई 1342 लोगों की भर्ती में हुई अनियमितताओं की जांच कर रही है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि भर्ती के दौरान नियमों को दरकिनार करते हुए गलत नियुक्तियां की गईं। ...
विधान परिषद सदस्य और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा भाजपा सरकार के मंत्रियों महेन्द्र सिंह और मोहसिन रजा समेत 13 सदस्यों का कार्यकाल आगामी पांच मई को समाप्त हो रहा है। ...
आरपीआई के अध्यक्ष ने माना कि सपा और बसपा के साथ आने से हमारा नुकसान होगा। गठबंधन को अगले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 25 से 30 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा को 50 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। ...
पहले कयास लगाए जा रहे थे ममता बनर्जी 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश का दौरा कर सकती हैं और अखिलेश यादव व मायावती से मुलाकात कर सकती हैं, लेकिन किसी कारण ऐसा नहीं सका। ...
एनसीपी सांसद डीपी त्रिपाठी ने मीडिया से कहा है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने की याचिका पर दस्तखत किए हैं। ...
अखिलेश ने विधान परिषद में वर्ष 2018-19 के बजट पर सामान्य चर्चा में हिस्सा लेते हुए सपा-बसपा के तालमेल का जिक्र किया और कहा 'देश में सबसे बडी जातिवादी पार्टी अगर कोई है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। ...