सचिन पायलट राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री हैं। सचिन दिवंगत कांग्रेस नेता राजेश पायलट के बेटे हैं। सचिन पायलट 2004 में अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र दौसा से 26 साल की उम्र में सांसद चुने गए थे और इसके साथ ही वे सबसे युवा सांसद सदस्य भी बने। बहरहाल, राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस की जीत के सूत्रधार रहे हालांकि, इसके बावजूद अशोक गहलोत के राज्य के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी कांग्रेस से नाराजगी सामने आती रही है। Read More
दोनों नेताओं के बीच यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने से शुरू हुए राजनीतिक संकट के दौरान राजे जयपुर में हुई भाजपा की बैठकों से अलग रही हैं और उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रखी है। ...
बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों को राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के तहत जैसलमेर की एक होटल में नोटिस तामील करवाए गए। एसपी की मौजूदगी में जैसलमेर जिला कोर्ट के रीडर व दो अन्य कर्मचारियों ने विधायकों को नोटिस थमाए। अब इन विधायकों को हाईकोर्ट के स ...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व से नाराज होकर अलग हुए पायलट खेमे में कुल 19 विधायक हैं। कांग्रेस व अन्य समर्थक विधायक यहां जैसलमेर के एक होटल में रुके हैं जिनमें बैरवा भी शामिल हैं। ...
मुख्य सचेतक महेश जोषी को नोटिस जारी कर 13 अगस्त तक जवाब तलब किया है। वहीं भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा पार्टी ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के अंतरिम आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है। जिस पर अब गुरुवार को सुनवाई होगी। ...
सीएम अशोक गहलोत ने उनके सियासी सपनों पर पानी फेर दिया है, जिसके कारण बीजेपी बैक फुट पर है. यदि अब तक का राजनीतिक घटनाक्रम देखें तो इस दौरान बीजेपी की पाॅलिटिकल इमेज ही खराब हुई है, हालांकि उसे थोड़ा फायदा भी हुआ है, परन्तु इसकी बहुत बड़ी राजनीतिक कीमत ...
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राजस्थान के बागी कांग्रेस विधायकों की वापसी संभावनाओं पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि किसी भी बातचीत से पहले बागी विधायकों को बीजेपी से दोस्ती तोड़नी होगी। ...
दलबदल की नई सियासी तकनीक ने इस कानून का उद्देश्य और उपयोगिता समाप्त कर दी है, लिहाजा अब या तो यह रद्द हो जाना चाहिए या फिर इसमें जरूरी संशोधन होना चाहिए. ...