यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की ओर से मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 से 2025 के बीच प्राकृतिक गैस की वैश्विक मांग में 140 अरब घन मीटर की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह पिछले पांच साल की अवधि में हुई 370 अरब घन मीटर की वृद्धि ...
यूक्रेन संकट को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भारत के पुराने रुख को जाहिर किया. यूक्रेन संकट से निपटने के लिए भारत पहले भी रुस को बातचीत के जरिए मसला सुलझाने की सलाह दे चुका है. ...
आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच यह युद्ध नहीं लड़ा जा रहा बल्कि यह नई विश्वव्यवस्था में नए जियो-पॉलिटिकल और जियो-इकोनॉमिक हितों को लेकर लड़ा जा रहा है। ...
Russia Ukraine Crisis: नाटो शिखर सम्मेलन पर बोलते हुए रोगोजिन ने कहा, “आज मैड्रिड में नाटो शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है, जिसमें पश्चिमी देश रूस को अपना सबसे बड़ा दुश्मन घोषित करेंगे।” ...
14th BRICS Summit 2022: इस पर जानकारों का मानना है कि चीन ब्रिक्स पर अपनी पकड़ बनाने के लिए इसका विस्तार चाहता है. वह कुछ दक्षिण पूर्वी एशियाई, अफ्रीकी और लातीनी अमेरिकी देशों को साथ मिलाकर ब्रिक्स का संतुलन अस्थिर करना चाहता है. ...
यूएनओडीसी ने कहा कि यूक्रेन में नष्ट हुई एम्फैटेमिन प्रयोगशालाओं की संख्या 2019 में 17 से बढ़कर 2020 में 79 हो गई, 2020 में किसी भी देश में जब्त की गई प्रयोगशालाओं की संख्या सबसे अधिक है। जैसे-जैसे युद्ध जारी रहेगा, यूक्रेन की सिंथेटिक दवाओं के उत्पा ...