यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
रूस ने ऐलान किया कि वो बालाक्लिया और इज़ियम शहरों से अपनी सेनाओं को वापस बुला रहा है और वो अपना पूरा ध्यान पूर्वी यूक्रेन स्थित डोनबास क्षेत्र में चलाये जा रहे सैन्य अभियान पर करेगा। ...
मूडीज इन्वेस्टर सर्विस को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी भी बढ़ती चुनौतियों की उम्मीद नहीं है, जिसमें रूस-यूक्रेन सैन्य संघर्ष का प्रभाव, उच्च मुद्रास्फीति और नीति के कड़े होने की वजह से सख्त वित्तीय स्थिति, 2022 और 2023 में महामारी से भारत की चल र ...
अमेरिका ने भारत द्वारा रूस के साथ सैन्य अभ्यास पर कहा कि यूक्रेन के साथ बिना किसी कारण बर्बर युद्ध छेड़ने वाले रूस के साथ किसी भी अन्य देश का सैन्य अभ्यास करना पूरे विश्व के लिए बेहद चिंता का विषय है। ...
यूरोप के सबसे बड़े जैपोरिजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास गोलीबारी के बाद इस पर खतरा मंडराने लगा है। संयंत्र से संभावित विकिरण रिसाव के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। रूस और यूक्रेन इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ...
सुरक्षा परिषद ने ज़ेलेंस्की को वीडियो टेली-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में भाग लेने के लिए भारत सहित 13 देशों ने वोट कर निमंत्रण दिया। ये सभी वोट रूस से खिलाफ थे। रूस ने इस तरह के निमंत्रण के खिलाफ मतदान किया, जबकि चीन ने परहेज किया। ...