पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल राष्ट्र है जो 1947 में भारत से टूटकर बना था। पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना माने जाते हैं। पाकिस्तान ने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली अपनाई हुई है लेकिन वहां की राजनीति में सेना का दखल ज्यादा होता है। 1972 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) ने बगावत की और एक अलग मुल्क बन गया। इस तरह पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन नेता नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के आरोप में सजा का काट रहे हैं। 2018 के आम चुनाव में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और गठबंधन की सरकार बनना लगभग तय है। Read More
भारत और बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के बाद हसीना की भारत की यह पहली यात्रा होगी। हसीना और मोदी पांच अक्टूबर को द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वह तीन और चार अक्टूबर को विश्व आर्थिक मंच की ओर से आयोजित भारत आर्थिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगी। ...
पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने 1947 में विभाजन के समय हैदराबाद के निजाम के धन को लेकर इस्लामाबाद के साथ चल रही दशकों पुरानी कानूनी लड़ाई और इसे लंदन के एक बैंक में जमा कराने के मामले में बुधवार को भारत के पक्ष में फैसला सुनाय ...
दिग्विजय ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "आपने (संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में) पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का हालिया भाषण सुना होगा जिसमें वह इस्लामोफोबिया और इस्लामी चरमपंथ की बात कर रहे थे। ...
खुफिया सूचनाओं के अनुसार पिछले दो महीने में नियंत्रण रेखा से कश्मीर घाटी में 60 से अधिक सशस्त्र आतंकवादियों ने तथा नियंत्रण रेखा से पीर पंजाल क्षेत्र के दक्षिण में 20 से अधिक आतंकवादियों ने घुसपैठ किया। ...
बेतिया में गिरफ्तार आईएसआई के गुर्गे, नबी ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि भारत में नकली नोटों का करोबार दुबई में बैठे चाचा उर्फ शफी और नूर मोहम्मद नाम के शख्स देखते हैं ...
मालदीव की राजधानी माले में रणनीतिक विशेषज्ञों एवं रक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि ऊर्जा संपन्न पश्चिम एशिया की अस्थिरता से वैश्चिक तनाव और अशांति बढे़गी और अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव ‘चिंताजनक’ है। ...
भाजपा में बड़ा सिख चेहरा माने जाने वाले पुरी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 में जब सीमा रेखा तय हुई तो उस समय जो भी इस प्रक्रिया में शामिल थे उन्हें अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि गुरु नानक देव से जुड़े सभी गुर ...