नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
हर श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...
श्राद्ध खत्म होते ही अगले दिन से नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि होती है और कलश स्थापना की जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। ...
सनातन धर्मावलंबी आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा यानी आज से ग्रीष्म आषाढ़ी नवरात्र पूजा करेंगे। अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में श्रद्धालु लीन रहेंगे। आषाढ़ी नवरात्रि में तंत्र साधना की प्रधानता के कारण इसे गुप्त नवरात्रि भी कहा जाता है। ...
Chaitra Navratari 2020 Day 9:सिद्धियों की प्राप्ति के लिए सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि देव, गंदर्भ, असुर, ऋषि आदि को भी भी मां सिद्धिदात्री की पूजा करनी पड़ती है। ...
इस बार लॉकडाउन की वजह से इस व्रत में भी कुछ अंतर देखने को मिला है। इस बार रामनवमी पर ना लोग मंदिर जा पाएंगे ना अपने घर पर किसी भी तरह का पाठ का आयोजन करेंगे। ...
नवरात्रि के नौ दिनों के बाद कन्या पूजन का विधान होता है। जो जातक नवरात्रि का व्रत रखते हैं वो अष्टमी या नवमी वाले दिन कन्याओं का पूजन कर उनसे आशीर्वाद लेते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि 24 मार्च से शुरू ह गई है। मां दुर्गा को समर्पित इस नवरात्र में लोग ...