हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन को ही संक्रांति कहते हैं। इस तरह साल में 12 संक्रांति आते हैं। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तभी मकर संक्रांति का पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान समय में जनवरी के चौदहवें या पन्द्रहवें दिन इसे मनाया जाता है। मकर संक्रांति के साथ एक माह से चला रहा खरमास या मलमास खत्म हो जाता है और शुभ कार्य शुरू किए जाते हैं। परंपराओं के अनुसार मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। साथ ही दान आदि भी किया जाता है। इस दिन तिल का महत्व काफी खास हो जाता है। तिल का दान, और इसका सेवन शुभ माना गया है। मकर संक्रांति के दिन गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव भी मनाया जाता है। Read More
Makar Sankranti 2026: उत्तरायण के लिए छत किराए पर लेने की लागत 10,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये (प्रति दिन) तक होती है, जो छत के आकार और उसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या पर निर्भर करती है। ...
Makar Sankranti 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और राज्य द्वारा संचालित संस्थान बंद रहेंगे। इस निर्णय से निवासियों को राज्य भर में मनाए जाने वाले पारंपरिक उ ...
सूर्य ग्रह 14 जनवरी, बुधवार को मकर राशि में गोचर करेंगे और इस राशि में वह 13 फरवरी 2026 तक स्थित रहेंगे। सूर्य के इस गोचर को मकर संक्रांति कहा जाता है। ...
Makar Sankranti 2026: तेजप्रताप यादव खुद भी महुआ से चुनाव हार गए हैं। लेकिन अध्यक्ष की हैसियत से तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही का भोज आयोजित करने जा रहे हैं। ...