महाष्टमी (29 मार्च) और महानवमी (30 मार्च) के दिन कन्या पूजन का विधान है। कन्या पूजा में नौ कन्याएं मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक हैं, जबकि कंजक भैरों का प्रतीक माना जाता है। ...
चैत्र नवरात्रि की षष्ठी तिथि पर माँ दुर्गा के छठे रूप माता कात्यायनी की पूजा का विधान है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए माँ के इस रूप को पूजा जाता है। ...
मान्यता है कि माँ कूष्मांडा की पूजा करने से भक्तों के समस्त प्रकार के रोग-दोष मिट जाते हैं। इनकी आराधना से भक्तों की आयु, यश, बल आरोग्य, संतान सुख की वृद्धि होती है। ...
Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन पूरे विधि-विधान से माँ की आराधना की जाती है। जानिए माँ चंद्रघंटा की पूजा पूजा वधि, मंत्र और आरती ...
नवरात्रि के पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम रूप माँ शैलपुत्री की आराधना की जाती है। माँ शैलपुत्री ने पर्वतराज हिमालय के घर कन्या के रुप में जन्म लिया था। इसलिए उनका नाम शैत्रपुत्री रखा गया। ...
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि पर्व माँ शक्ति की उपासना का महापर्व है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होकर चैत्र शुक्ल नवमी तिथि को समाप्त होता है। ...