चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
Chandra Grahan 2025: पूर्ण चंद्र ग्रहण रात 11.01 बजे से रात 12.23 बजे तक रहेगा और इसकी अवधि 82 मिनट की होगी। आंशिक चरण रात 1.26 बजे समाप्त होगा और ग्रहण सात सितंबर देर रात 2.25 बजे समाप्त होगा। ...
यह ग्रहण 7 और 8 सितंबर की रात 8:58 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा और चंद्रमा भारतीय समयानुसार रात 11:00 बजे पूर्ण अवस्था में पहुँच जाएगा। चंद्रमा लगभग 82 मिनट तक, यानी 8 सितंबर की रात 12:22 बजे तक, पूरी तरह से ढका रहेगा। ...
ब्लड मून 2025 अपनी व्यापक दृश्यता के कारण अद्वितीय है। भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देने वाला चंद्रग्रहण असामान्य है, और इसलिए यह नज़ारा दर्शकों के लिए एक विशेष आकर्षण है। ...
होली के मौके पर फाल्गुन पूर्णिमा पर 14 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इसके 15 दिन के बाद 29 मार्च को फाल्गुन अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। ...
इस महीने चंद्र ग्रहण 14 मार्च शुक्रवार को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा तिथि को लगेगा, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चंद्र ग्रहण कन्या राशि में लगेगा। ...
खगोलीय विज्ञान के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है। नतीजतन, चंद्रमा पृथ्वी की सतह पर एक छाया बनाता है और सूर्य के प्रकाश को उस तक पहुँचने से रोकता है। यह अमावस्या के चरण के दौरान होता है। ...
Chandra Grahan In September 2024: चंद्रमा के पृथ्वी की छाया में आते ही 18 सितंबर, 2024 को आकाशीय परिदृश्य बदल जायेगा, जो वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण है। लेकिन इस दृश्य से परे एक गहरा सवाल है- यह ब्रह्मांडीय घटना हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है ...