लोहड़ी का त्योहार पंजाब समेत, हिमाचल, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों में मुख्यतौर पर धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व अमूमन हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले (13 जनवरी) को मनाया जाता है। इस शाम रेवड़ी, मूंगफली, खील, चिक्की, गुड़ की बनी चीजें आग में डालकर परिक्रमा करने की परंपरा है। पंजाब में रात के खाने में मक्के की रोटी और सरसों का साग खास तौर पर बनाया जाता है। साथ ही भांगड़ा और गिद्दा नृत्य किया जाता है। Read More
Lohri and Makar Sankranti: आम तौर पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाता है जबकि लोहड़ी को इसके ठीक एक दिन पूर्व मनाने की परंपरा है। हालांकि, इस बार कुछ बदलाव हुए हैं। ...
Lohri festival date 2020 ( लोहड़ी कब है ): लोहड़ी पर्व को हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति से जोड़ा जाता है। शरद ऋतु के समापन पर इस त्योहार को मनाने का प्रचलन है। इस त्योहार को किसानों के लिए नया साल भी माना जाता है। ...
पंजाब के लुधियाना, मोहाली और जालंधर सहित प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर दिन में बच्चों और युवाओं ने पतंगें उड़ायी। आसमान विभिन्न रंगों के पतंगों से पटी पड़ी थी। ...
Lohri Songs: पंजाब में तो इसका अलग ही अंदाज देखने को मिलता है।रंग बिरंगे कपड़ों और फुल्कारियों में पंजाबी लड़कियां सजी होती हैं। पंजाबी लड़के भी कुरते पजामे और सुन्दर पगड़ियों में देखने को मिलते हैं। ...
पंजाब और उत्तर भारत के कुछ राज्यों में लोहड़ी का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। पंजाब में तो इसका अलग ही अंदाज देखने को मिलता है।रंग बिरंगे कपड़ों और फुल्कारियों में पंजाबी लड़कियां सजी होती हैं। ...
लोहड़ी का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। इसदिन पंजाब में पतंगबाजी करने का भी चलन है। लोहड़ी की शाम को भंगड़े और गिद्दे से खूब रौनक लगाई जाती है। लोहड़ी की कहानी पर एक गाना भी प्रचलित है: ...