लद्दाख एक ऊंचा पठार है जिसका अधिकतर हिस्सा 3,500 मीटर (9,800 फीट) से ऊंचा है। यह हिमालय और कराकोरम पर्वत श्रृंखला और सिन्धु नदी की ऊपरी घाटी में फैला है। करीब 33,554 वर्गमील में फैले लद्दाख में बसने लायक जगह बेहद कम है। यहां हर ओर ऊंचे-ऊंचे विशालकाय पथरीले पहाड़ और मैदान हैं। यहां के सभी धर्मों के लोगों की जनसंख्या मिलाकर 2,36,539 है। लद्दाख के पूर्वी हिस्से में लेह के आसपास रहने वाले निवासी मुख्यतः तिब्बती, बौद्ध और भारतीय हिन्दू हैं, लेकिन पश्चिम में करगिल के आसपास जनसंख्या मुख्यतः भारतीय शिया मुस्लिमों की है। तिब्बत पर कब्जे के दौरान बहुत से तिब्बती यहां आकर बस गए थे। लद्दाख को चीन, तिब्बत का हिस्सा मानता है। सिन्धु नदी लद्दाख से निकलकर ही पाकिस्तान के कराची तक बहती है। प्राचीनकाल में लद्दाख कई अहम व्यापारिक रास्तों का प्रमुख केंद्र था। Read More
मोदी सरकार ने सोमवार को टिकटॉक और यूसी ब्राउज़र, क्लब फैक्ट्री समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने इन ऐप्स को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है। ...
आज यानी 30 जून को भारत और चीन के बीच कॉर्प कमांडरों की बैठक चुशुल में बैठक चल रही है। इस बैठक में सेनाओं को पीछे करने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हो सकती है। ...
पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बड़े सैन्य टकराव के कारण गलवान घाटी क्षेत्र में सीमा पर गतिरोध भड़क गया। भारतीय सेना ने भी चीन को करारा जवाब दिया और उसके भी कई सैनिक झड़प के दौरान हताहत हुए हैं। ...
पिछली दो बैठकों में दोनों पक्ष एलएसी पर तनाव कम करने के लिए सहमति जता चुके हैं। इसलिए इस तीसरी बैठक में सेनाओं को पीछे करने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हो सकती है। ...
देश में कोविड-19 के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम यह छठा संबोधन होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछली बार देश को 12 मई को संबोधित किया था जब उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोष ...