ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया भारतीय राजनेता हैं। मोदी सरकार में नागर विमानन मंत्री हैं। इससे पहले वह 18 सालों तक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया 15वीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री भी रहे थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1971 को हुआ था। इनका संबंध सिंधिया राजघराने से है। इनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया भी गुना से कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार रहे हैं। Read More
पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने छह महीने पहले बसपा के विधायकों को खरीद-फरोख्त के जरिए ही कांग्रेस में शामिल किया था, जब उनकी शर्म कहां थी। यह पहला वाकया नहीं है। इससे पहले भी गहलोत ऐसा कर चुके हैं। ...
वर्ष 1967 में लोकसभा एवं मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव हुए थे। राजमाता इस सिलसिले में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्रा से मिलने गई थीं, मिश्रा ने उनको दो घंटे प्रतीक्षा करवाई और तब उनसे मुलाकात की। इससे वह खफा हो गईं और उन्होंने ...
ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है और कमलनाथ सरकार अल्पमत में बताई जा रही है। ...
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में सिंधिया को पार्टी की सदस्यता दिलाई। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह आहत थे क्योंकि वह अपने पूर्व संगठन (कांग्रेस) में लोगों की सेवा नहीं कर पा रहे थे। ...
ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के भाजपा में जाने के कुछ ही देर बाद उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है। ...
ज्योतिरादित्य को राजनीति विरासत में मिली है। उनकी दादी विजयराजे सिंधिया की गिनती जहां भाजपा के शीर्ष नेताओं में होती थी, वहीं पिता माधवराव कांग्रेस के कोर मेंबर्स में से एक थे। आइए आपको ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में बताते हैं सबकुछ.. ...
राहुल गांधी ने कहा कि वह पार्टी के एक मात्र ऐसे नेता थे, जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे। बता दें कि सिंधिया के भाजपा में जाने की खबर के बीच कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ...