Jawaharlal nehru university (jnu), Latest Hindi News
दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय। भारतीय संसद में जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 1966 में विधेयक पारित हुआ। 1969 में यूनिवर्सिटी अस्तित्व में आयी। विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी से जुडे़ विषयों की परास्नातक (एमए), एमफिल और पीएचडी तक की शिक्षा दी जाती है। विश्वविद्यालय में कई विदेशी भाषाओं की स्नातक और उससे उच्च स्तर की शिक्षा भी दी जाती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जेएनयू के कई सेंटरों को "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" का दर्जा दिया है। भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क में जेएनयू को साल 2016 में तीसरा और साल 2017 में दूसरा स्थान मिला था। Read More
रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को मदरसों में पल रहा आतंकवाद नहीं दिखता, वे वंदेमातरम का विरोध करने वालों के साथ मंच साझा करते हैं और तालिया बजाते हैं. ...
केंद्रीय मानव संसाधन विकास सचिव अमित खरे से गुरूवार को छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी और जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन और जामिया टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। ...
कन्हैया ने कहा कि देश के गृहमंत्री हमे टुकड़े-टुकड़े गिरोह कहकर बुलाते हैं। तो मैं उनको बस इतना बता देना चाहता हूं कि हम देश के टुकड़े नहीं बल्कि बीजेपी के टुकड़े करेंगे। ...
लेकिन 2019 में जेएनयू का टकराव तो सीधे सत्ता से हो चला है. लहूलुहान जेएनयू के भीतर छात्र संगठनों के टकराव से ज्यादा बाहर से आए नकाबपोशों की मौजूदगी डराने वाली है. 80 के दशक में दिल्ली पुलिस घोड़े पर सवार होकर छात्रों को रौंदते हुए अंदर दाखिल हुई थी. ...
पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘ऐसी रिपोर्ट है कि एचआरडी मंत्रालय ने जेएनयू के कुलपति को विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के मुद्दे के समाधान के लिये कुछ व्यवहार्य फार्मूला को लागू करने के ...
जेएनयू में करीब 8000 छात्र हैं। कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि मंत्रालय में तय किए गए फार्मूले से पूछे नहीं हटा गया है। कुमार ने कहा कि छात्रों से सेवा या उपयोगिता शुल्क नहीं वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने यूजीसी को पत्र लिखकर कोष जारी करने का ...
नागरिकता संशोधन कानून, 2019 में 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये हिन्दू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बौद्ध समुदाय के सदस्यों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। ...