HD Deve Gowda: हरदनहल्ली दोड्डेगौड़ा देवगौड़ा उर्फ एचडी देवगौड़ा कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। देवगौड़ा 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997 तक भारत के 11वें प्रधानमंत्री भी रहे हैं। उससे पहले साल 1994 से 1996 तक कर्नाटक राज्य के 14वें मुख्यमंत्री भी रहे। देवगौड़ा की राजनीतिक यात्रा किसी को भी प्रभावित कर सकती है। किसी दूरगामी गांव के सहकारी बैंक के प्रेसिडेंट से लेकर भारत की संघीय सरकार के मुखिया बनने तक का सफर आसान नहीं रहा। Read More
भाजपा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि सूरज ने उन पर (जद-एस के) कायकर्ताओं को जद(एस) से भाजपा में लाने के लिये प्रलोभन देने की कोशिश करने का आरोप लगाया और अपने सहयोगियों को उनके टुकड़े-टुकड़े करने का निर्देश दिया। ...
देवगौड़ा ने कहा कि राज्य की जनता को उन अयोग्य विधायकों के खिलाफ अपना फैसला देने का पूरा अधिकार मिला है, जिन्होंने पैसों और सत्ता के लिए दलबदल किया। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक की जनता के फैसले पर पूरे देश के लोगों का ध्यान है। मैं उनसे निवेदन करता हूं कि ...
देवेगौड़ा ने कहा, ‘‘मेरा दोनों के साथ अनुभव (सरकार चलाने का) है। भाजपा के साथ सरकार चलाने का अनुभव मुझे मेरे बेटे (एचडी कुमारस्वामी) के कारण है और मेरी इजाजत से कांग्रेस के साथ भी हमने सरकार बनाई है।’’ ...
रामविलास ने अपने पुत्र चिराग पासवान के पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और भतीजा प्रिंस राज को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें शुभकामना दी, खुशी का इजहार किया और कहा ''हम तो दूसरे लोगों को भी कहेंगे भइया नया जेनरेशन है, छोड़ते (पार्टी पद) क्य ...
देवगौड़ा ने कहा, ‘‘ चुनाव के बाद जो होगा उसके हिसाब से सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी जो भी फैसला करेंगी वह कांग्रेस में सबको स्वीकार करना होगा। हमारे (जद-एस) के पास कोई भी सर्वोच्च नेता नहीं है। चुनाव के नतीजे आने के बाद हम देखेंगे कि क्या होता है।’’ ...
NRC विवादः पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा एनआरसी को लेकर कहा है कि बीजेपी सरकार ने इसके परिणामों पर ध्यान नहीं दिया है। वह पूरे देश में एनआरसी को लागू करना चाहते हैं। ...
जद (एस) के वरिष्ठ नेता बसवराज होराती ने कहा, ‘‘उनके बयान के आधार पर मैंने कहा है कि अगर भाजपा के पास संख्या बल की कमी होती है तो पूरी संभावना है कि जद (एस) उनके शेष साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान समर्थन दे सकता है, मैं अब भी इस पर कायम हूं।’’ ...
महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर हुए चुनावों में 105 सीटें जीतते हुए बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। राज्य के चुनाव में शिवसेना को 56 सीटें मिलीं। इसके अलावा राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं। ...