इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का आविष्कार 1980 के दशक में हुआ था। भारत में पिछले कई सालों से ईवीएम से वोटिंग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल भारत में आम चुनाव तथा राज्य विधानसभाओं के चुनाव में आंशिक रूप से 1999 में शुरू हुआ तथा 2004 से इसका पूर्ण इस्तेमाल हो रहा है। ईवीएम से पुरानी मतपत्र प्रणाली की तुलना में वोट डालने के समय में कमी आती है तथा कम समय में परिणाम घोषित करती है। Read More
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग विपक्षी पार्टी काफी लंबे समय से कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि ईवीएम से चुनाव कर बीजेपी जीत रही है। ...
वास्तविक मतदान और मतगणना के परिणाम में किसी तरह का अंतर सामने आने के सवाल पर रविशंकर ने बताया कि चुनाव आयोग से मंत्रालय को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आयी है। ...
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी विपक्षी 23 राजनीतिक दलों से कहूंगी कि वे साथ आयें और बैलैट पेपर की वापसी की मांग करें। अमेरिका जैसे देश में भी ईवीएम पर प्रतिबंध लगा हुआ है।’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए धन, बाहुबल, संस ...
हाल में संपन्न लोकसभा चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ के विपक्षी पार्टियों के आरोपों पर वोटिंग मशीनों का बचाव करते हुए बीईएल के सीएमडी एसवी गौतम ने यहां पत्रकारों से कहा कि राजनीतिक दलों ने चुनावों से पहले जो ‘‘तूफान’’ खड़ा किया था वह धराशायी हो गया है ...
मायावती ने चुनाव के परिणाम आने के बाद शाम को मीडिया से कहा, ''देश के राजनीतिक इतिहास में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं समाज के दलित उपेक्षित वर्गों की सत्ता में भागीदारी भी बढ़ी है लेकिन इसे भी अब ईवीएम के माध्यम से सत्ताधारी पार्टी (भाजपा एंड कंपन ...