पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना पूर्वी एशिया का देश है जिसे चीन के नाम से जाना जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश में कम्युनिस्ट शासन लागू है। इसकी सीमाएं भारत-पाकिस्तान और नेपाल से लगती है। सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश भी है। अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। Read More
हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका का चीन की तरफ झुकाव था और जब वहां संकट का समय है तो भारत ने मदद का हाथ बढ़ाकर उसे संबल दिया है। नेपाल भी लिपुलेख सीमा विवाद की कड़वाहट पीछे छोड़ चुका है और यही कारण है कि अभी हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा न ...
लिट्टे का सफाया करने के बाद महिंदा राजपक्षे चीन की गोद में बैठ गए थे. उन्हें लगता था कि लिट्टे की जड़ें तमिलनाडु में हैं इसलिए भारत समर्थन नहीं देगा. ...
सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे मामलों की वजह ओमीक्रॉन के नया सब-वेरिएंट है। बता दें कि चीन में पिछले 24 घंटों में लगभग दो सालों बाद 13 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। ...
पाकिस्तान-चीन-भारत त्रिपक्षीय वार्ता के लिए जनरल बाजवा के प्रस्ताव पर भारत की नरेंद्र मोदी सरकार किसी तरह की जल्दीबाजी नहीं दिखाना चाहती है। इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि भारत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत के जरिये मसले का हल निकालना चाहता है ...
रूस भारत को तेल की अधिक शिपमेंट उठाने के लिए यूक्रेन युद्ध से पहले कीमतों पर 35 डॉलर प्रति बैरल की छूट की देने की पेशकश की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि हेडलाइन ब्रेंट की कीमतों में तब से लगभग 10 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा मतलब ...
विशेषज्ञों के अनुसार तीसरा विश्वयुद्ध होने पर आसमान से सारे सैटेलाइट नीचे गिर जाएंगे। जंगल जलकर राख हो जाएंगे और दुनिया में न्यूक्लियर विंटर की शुरुआत हो जाएगी। ...
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला सहित भारतीय वार्ताकारों के साथ कई बैठकें करने के बाद सिंह ने यह भी कहा कि अमेरिका किसी भी देश को रूसी केंद्रीय बैंक के साथ वित्तीय लेनदेन में शामिल होते नहीं देखना चाहेगा। ...
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक खास केमिस्ट्री है, इसलिए ऐसा भरोसा किया जा सकता है कि वर्ष 2022 में मोदी-पुतिन केमिस्ट्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कूटनीतिक लाभांश की हैसियत में होगी। ...