शरीर कई प्रकार कि कोशिकाओं से बना है। यह कोशिकाएं शरीर में बदलावों के कारण बढ़ती रहती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं, तब यह शरीर के बाकि हिस्सों को अपना काम करने में दिक्कत देती हैं। जिससे उन हिस्सों पर कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गांठ या ट्यूमर बन जाता है। इस अवस्था को कैंसर कहते हैं। यही ट्यूमर घातक होता है और बढ़ता रहता है। कैंसर के विभिन्न प्रकार, सर्वाइकल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, स्तन कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, एसोफैगल कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, बोन कैंसर हैं। Read More
यह स्तन कैंसर की मूक प्रकृति को उजागर करता है, क्योंकि कई महिलाएँ निदान में देरी करती हैं क्योंकि उन्हें दर्द या दिखाई देने वाले लक्षण महसूस नहीं होते हैं। ...
Breast Cancer: स्तन कैंसर की शुरुआज जल्दी होना मुख्य रूप से जीन, जीवनशैली संबंधी कारकों जैसे खराब पोषण, अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन और पूरी तरह से शारीरिक गतिविधियों से दूरी वाली जीवनशैली तथा पर्यावरण प्रदूषण के कारण होता है। ...
Breast Cancer IIT Indore: आईआईटी इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर श्रीवत्सन वासुदेवन का विकसित किया गया यह उपकरण, शुरुआती चरण में ही स्तन कैंसर की पहचान कर मरीजों की जान बचाने के मकसद से ईजाद किया गया है। ...
हाल के अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय से पता चला है कि फ्रेंच फ्राइज़ के लगातार सेवन से न केवल वजन बढ़ सकता है, बल्कि हृदय स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। ...
जम्मू-कश्मीर के आंकड़ों से पता चलता है कि लोगों को कई तरह के कैंसर हो रहे हैं, जिनमें त्वचा (कांगड़ी कैंसर), फेफड़े, स्तन, पेट, मलाशय, प्रोस्टेट, यकृत, गर्भाशय ग्रीवा, ग्रासनली, मूत्राशय और रक्त कैंसर शामिल हैं। ...
फेफड़ों के कैंसर का शीघ्र पता लगाने या निदान से सफल उपचार की संभावना में काफी सुधार हो सकता है। यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, खासकर यदि वे लगातार और अस्पष्ट हैं, तो कृपया तुरंत चिकित्सा सलाह लें। ...
अध्ययन में कहा गया है कि यह वृद्धि ज्यादातर 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पुरुषों को प्रभावित करेगी, जो कम या मध्यम मानव विकास सूचकांक वाले देशों और क्षेत्रों में हैं। ...