शरीर कई प्रकार कि कोशिकाओं से बना है। यह कोशिकाएं शरीर में बदलावों के कारण बढ़ती रहती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित तौर पर बढ़ती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं, तब यह शरीर के बाकि हिस्सों को अपना काम करने में दिक्कत देती हैं। जिससे उन हिस्सों पर कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गांठ या ट्यूमर बन जाता है। इस अवस्था को कैंसर कहते हैं। यही ट्यूमर घातक होता है और बढ़ता रहता है। कैंसर के विभिन्न प्रकार, सर्वाइकल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, स्तन कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, एसोफैगल कैंसर, पैंक्रियाटिक कैंसर, बोन कैंसर हैं। Read More
इसमें पाए जाने वाले एमिनो एसिड व पॉलिफेनॉल्स जैसे तत्व शरीर को कैंसर के खतरे से बचाने में मदद करते हैं। इससे बॉडी में इंसुलिन के लेवल को बढ़ाने में मदद मिलती है। नियमित रूप से मूंग दाल के सेवन से ब्लड ग्लूकोज व कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल रहता है। ...
विश्वभर में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (बच्चेदानी के मुख का कैंसर) यानी सर्वाइकल कैंसर (Cervical cancer) चौथा सबसे आम कारण है। दुनिया भर में इससे लगभग 270,000 मौत होती हैं और हर साल 530,000 नए मामले सामने आते हैं ...
कैंसर के आयुर्वेदिक उपचार में जीवन शैली और खान-पान की आदत में बदलाव किया जाता है और मरीजों को गेहूं के बजाय जौ, लाल मिर्च के बजाय काली मिर्च, चीनी के बजाय गुड़ दिया जाता है। ...
ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही ताहिरा को इलाज के दौरान 12 बार कीमोथेरेपी सेशन से गुजरना पड़ा। ताहिरा का मानना है कि हिम्मत और जज्बे के साथ ही कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में मदद मिल सकती है। ...