कोरोना महामारी के मद्देनजर 21 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। साधु-संतों के अलावा 55 साल से कम उम्र के श्रद्धालुओं को ही यात्रा की इजाजत दी गई है। बच्चे और बुजुर्ग इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर सकेंग ...
कोरोना के कारण, अगर यात्रा को संपन्न करवाया भी जाता है तो सबसे कम श्रद्धालुओं के शामिल होने का रिकार्ड बनेगा। वर्ष 2007 से लेकर वर्ष 2019 के आंकड़ों पर अगर एक नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2016 में, जब हिज्बुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्याय बुरहान वानी की मौत हुई थी, ...
Jammu-Kashmir: 5 जुलाई को व्यास पूर्णिमा के दिन से, अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली बार, 3 अगस्त श्रावण पूर्णिमा वाले दिन तक अमरनाथ की गुफा में सुबह-शाम होने वाली आरती का सीधा प्रसारण होने जा रहा है जिसके लिए दूरदर्शन की टीमों को गुफा तक पहुंचा दिया ...
प्रशासन ने इसके पीछे अमरनाथ यात्रा और मानसून की बारिश से पहले की तैयारियों का हवाला दिया है, लेकिन इन आदेशों ने लोगों के कान खड़े कर दिए हैं। दरअसल, राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण हर बार परेशानी होती है। ...
अमरनाथ यात्रा पर सबसे पहला हमला विदेशी आतंकियों ने 1993 में किया था, जब उस पर प्रतिबंध लगाते हुए हरकतुल अंसार ने श्रद्धालुओं को धमकी दी थी कि शामिल होने वालों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। जब धमकी बेअसर हुई तो आतंकी हमले में तीन की जान चली गई। इसी ...
अमरनाथ यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन कोरोना से उपजे हालात, लाकडाउन के कारण एडवांस पंजीकरण को टाल दिया गया। कोरोना के हालात देखकर बोर्ड को फैसला करना था, लेकिन अभी तक बोर्ड की बैठक नहीं हुई है। ...
यात्रा की प्रतीक छड़ी मुबारक के महंत दीपेंद्र गिरि ने छड़ी मुबारक का कार्यक्रम घोषित करते हुए उम्मीद जताई है कि प्रशासन यात्रा को संपन्न जरूर करवाएगा चाहे वह छोटे स्तर पर ही क्यों न हो। ...