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16 अगस्त को सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश, जानें सभी राशियों पर इसका प्रभाव और उपाय

By गुणातीत ओझा | Updated: August 14, 2020 07:44 IST

ग्रहों के अधिपति एवं फलित ज्योतिष में आत्मा के कारक भगवान सूर्य 16 अगस्त की सायं 7 बजकर 09 पर अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश कर रहे हैं। इनका अपनी राशि में जाना जनमानस के लिए अति शुभ फल कारक माना गया है।

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ठळक मुद्देभगवान सूर्य 16 अगस्त की सायं 7 बजकर 09 पर अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश कर रहे हैं।इस राशि में ये 16 सितंबर की सायं 7 बजकर 6 मिनट तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

ग्रहों के अधिपति एवं फलित ज्योतिष में आत्मा के कारक भगवान सूर्य 16 अगस्त की सायं 7 बजकर 09 पर अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश कर रहे हैं। इनका अपनी राशि में जाना जनमानस के लिए अति शुभ फल कारक माना गया है। इस राशि में ये 16 सितंबर की सायं 7 बजकर 6 मिनट तक विद्यमान रहेंगे, उसके बाद कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि सिंह राशि के स्वामी सूर्य मेष राशि में उच्च राशिगत एवं तुला राशि में नीच राशिगत संज्ञक माने गए हैं। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि मे प्रवेश करते है तो उसे सक्रांति कहते हैं। सिंह राशि में सूर्य के प्रवेश को सिंह सक्रांति कहते हैं। सूर्य एक राशि में लगभग एक माह तक भ्रमण करता है। सिंह राशि मे सूर्य के आने से सबसे ज्यादा लाभान्वित सिंह के जातक ही होंगे, क्योकि सूर्य सिंह राशि का ही स्वामी है।

किस राशि पर क्या होगा असर...

आइये जानते हैं भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से सभी राशियों पर सूर्य के इस गोचर का प्रभाव-

मेष राशि के पांचवें भाव में सूर्य का भ्रमण होने से मेष राशि के जातकों को संतान से सम्बन्धित मामलो में काफी शुभफल मिल सकते हैं। क्रोध पर नियंत्रण रखें।

वृष जातकों के लिए चतुर्थ भाव का सूर्य भूमि से लाभ दे सकता है। सुख साधन बढ़ाने के प्रयास सफल हो सकते हैं। व्यापार या नौकरी के लिए ये एक माह का समय काफी ठीक रह सकता है।

मिथुन राशि के तृतीय भाव में स्वराशि सूर्य का गोचर शुभफलदायी रहेगा। भाई बहनों से बिगड़े संबंध बन सकते हैं। आर्थिक लाभ की सम्भावना बनी रहेगी। 

कर्क जातकों के लिए सिंह राशि सूर्य का भ्रमण दूसरे भाव में होने से धन लाभ हो सकता है। पारिवारिक माहौल में उल्लास बना रहेगा। लेकिन कड़वी भाषा और गुस्से से बात बिगड़ सकती है।

सिंहपहले भाव का सूर्य काफी सकारात्क प्रभाव लेकर आयेगा। समाज में मान सम्मान बढे़गा। स्वास्थ्य मे सुधार होगा। आर्थिक रूप से भी सिंह राशि का सूर्य काफी लाभ देगा।

कन्याराशि के बारहवें भाव में स्वराशि सूर्य के आने से विदेश या जन्म स्थान से दूर जाने का मौका मिल सकता है। मुकदमेबाजी या अदालती उलझनों से कुछ राहत मिल सकती है।

तुलातुला राशि के लिए सिंह राशि का सूर्य काफी लाभ लेकर आयेगा। एकादश भाव में स्वराशि सूर्य का होना आर्थिक लाभ के प्रबल सकेत दे रहा है। बिगड़े कार्य बनेंगे।

वृश्चिकराशि के दशम् भाव में सूर्य, मंगल और शुक्र की स्थिति बड़े सम्मान या लाभ का इशारा है। विशेषकर वृश्चिक राशि के राजनेताओं और अधिकारियों के लिए ये एक माह का समय काफी शुभ समाचार ला सकता है। 

धनुजातकों के लिए भाग्य भाव का सूर्य भाग्य में बढ़ोतरी करेगा। पिता का स्वास्थ्य सुधर सकता है। दूरस्थ यात्राओं से मानसिक तनाव रहेगा। 

मकरजातकों के लिए आठवें भाव में स्वराशि सूर्य चिंताएं बढ़ा सकता है, लेकिन अचानक धन लाभ के प्रबल योग रहेंगे। दाम्पत्य जीवन में तनाव की स्थिति रह सकती है।

कुम्भजातकों के लिए सातवें भाव में स्वराशि सूर्य के आने से नौकरी के लिए शुभ रहेगा। लेकिन दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। साझेदार से बिगड़े संबंध प्रयास करने से सुधर सकते हैं।

मीनराशि के जातकों के लिए छठे भाव का सूर्य सामाजिक प्रभाव बढ़ायेगा। नौकरी चाहने वालो के लिए ये एक माह का समय काफी शुभ रह सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। कर्ज मुक्ति होने की संभावना भी बनी रहेगी।

सूर्य के सरल उपायज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि सबसे पहले अपने घर की पूर्व दिशा को साफ सूथरा करें। भगवान श्री विष्णु की उपासना। बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं। रोज उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें। रविवार के दिन उपवास रखे। रोज गुढ़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें । जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें । भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें । नियमित गायत्री मंत्र का 108 बार तुलसी की माला से जप करें । रविवार के दिन तांबा, गेहूं एवं गुड़ का दान अवश्य करें । हर छोटे बड़े कार्य की शुरूआत मीठा खाकर करें । तांबे के एक टुकड़े को काटकर उसके दो भाग करके एक को पानी में बहा दें तथा दूसरे को जीवनभर साथ रखें ।

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