लाइव न्यूज़ :

Sarv Pitru Amavasya 2023: सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध का समापन, जानें मुहूर्त, श्राद्ध विधि और महत्व

By रुस्तम राणा | Updated: October 13, 2023 18:02 IST

सर्वपितृ अमावस्या पर उन पितरों का भी श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती है। इन पितरों को तृप्त करने के लिए श्राद्ध, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, तर्पण आदि किया जाता है।

Open in App

Sarv Pitru Amavasya 2023: सर्व पितृ अमावस्या 14 अक्टूबर, शनिवार को है। हिन्दू शास्त्रों में आश्विन अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या, पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या कहते हैं। यह श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन होता है। मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में हमारे दिवंगत परिजन धरती में विचरण करने आते हैं और आश्विन माह की अमावस्या के दिन पुनः परलोक चले जाते हैं। एक प्रकार से सर्व पितृ अमावस्या का दिन पितरों की विदाई का दिन है। 

सर्वपितृ अमावस्या तिथि

अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 13 अक्टूबर को रात 09 बजकर 50 मिनट पर हो रहा है। वहीं इसका समापन 14 अक्टूबर रात 11 बजकर 24 मिनट पर होगा। 

सर्वपितृ अमावस्या पर मुहूर्त

कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तकरौहिण मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 30 से 01 बजकर 16 मिनट तकअपराह्न काल - दोपहर 01 बजकर 16 मिनट से 03 बजकर 35 मिनट तक 

इस विधि से करें पितरों का श्राद्ध

इस दिन प्रातः उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अब श्राद्ध के लिए सात्विक भोजन तैयार करें। पकवान में से थोड़ा-थोड़ा भोजन निकाल कर एक थाली में लगाएं। अब अपने घर के आंगन में या छत पर जाकर पत्तल को दोनों में भोजन को जल के साथ रखें। अब पितरों से उसे ग्रहण करने का आग्रह करें और किसी भी त्रुटि के लिए उनसे क्षमा मांगे। शाम के समय सरसों के तेल के दीपक जलाकर चौखट पर रखें। अब पितरों से आशीर्वाद बनाए रखने और परलोक लौटने का आग्रह करें।

सर्वपितृ अमावस्या का महत्व

इस दिन उन पितरों का भी श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती है। इन पितरों को तृप्त करने के लिए श्राद्ध, पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, तर्पण आदि किया जाता है। ये अज्ञात पितर भी पितृ पक्ष के दौरान पृथ्वी लोक में तृप्त होने की इच्छा रखते हैं। यदि आप इन अज्ञात पितरों का श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान नहीं करते हैं तो वे पृथ्वी लोक से निराश होकर चले जाते हैं। इससे उनका श्राप मिलने से पितृ दोष लग जाता है। घर-परिवार में कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं।

टॅग्स :पितृपक्षअमावस्या
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठAmavasya 2026 Date List: साल 2026 में दो शनि अमावस्या, जानिए हर माह की अमावस्या तिथि और उनका धार्मिक महत्व

पूजा पाठमहालया अमावस्या 2025: पितृपक्ष का अंतिम दिन, पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान का विशेष महत्व

कारोबारGST New Rate: रहिए तैयार, केवल 15 दिन में घटेगा दाम?, हर घर की जरूरत, दिनचर्चा में प्रयोग, त्योहार से पहले मीडिल क्लास की जेब...

पूजा पाठPitru Paksha 2025: आज से शुरु हो रहा पितृ पक्ष, जानें पितरों के श्राद्ध का सही नियम और सबकुछ

पूजा पाठAshadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या 25 जून को, जानिए स्नान-दान मुहूर्त, पितरों के तर्पण और श्राद्ध का समय

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य