Makar Sankranti 2026 Date: क्यों माना जाता है मकर संक्रांति को इतना शुभ? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और रीति-रिवाज
By रुस्तम राणा | Updated: January 6, 2026 14:42 IST2026-01-06T14:42:48+5:302026-01-06T14:42:48+5:30
मकर संक्रांति 2026, जो बुधवार, 14 जनवरी को पड़ रही है, सकारात्मकता, कृतज्ञता और नई शुरुआत के लिए एक शक्तिशाली दिन है।

Makar Sankranti 2026 Date: क्यों माना जाता है मकर संक्रांति को इतना शुभ? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और रीति-रिवाज
Makar Sankranti 2026:मकर संक्रांति सबसे शुभ हिंदू त्योहारों में से एक है। इस दिन सूर्य, शनि की राशि मकर में प्रवेश करता है। यह दिन उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जो सूर्य की उत्तर दिशा की यात्रा है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है। इस अवधि में दान, स्नान और पूजा जैसे अनुष्ठान करना सबसे अच्छा होता है। ज़्यादातर हिंदू त्योहारों के विपरीत जो चंद्र कैलेंडर पर आधारित होते हैं, मकर संक्रांति सौर कैलेंडर का पालन करती है, यही वजह है कि यह आमतौर पर हर साल एक ही तारीख को पड़ती है।
2026 में मकर संक्रांति कब है?
मकर संक्रांति 2026, जो बुधवार, 14 जनवरी को पड़ रही है, सकारात्मकता, कृतज्ञता और नई शुरुआत के लिए एक शक्तिशाली दिन है। माना जाता है कि दोपहर 03:13 बजे शुरू होने वाले शुभ समय में रीति-रिवाजों का पालन करने से लंबे समय तक चलने वाला आशीर्वाद, समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान होता है।
मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त 2026
दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:45 बजे तक
अवधि: 02 घंटे 32 मिनट
सबसे शुभ अवधि: दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक
मकर संक्रांति का सटीक क्षण: दोपहर 03:13 बजे
मकर संक्रांति को शुभ क्यों माना जाता है?
मकर संक्रांति दक्षिणायन के अशुभ चरण के अंत और उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे देवताओं का दिन माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस समय किए गए कार्य समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक विकास लाते हैं।
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है
दिन बड़े होने लगते हैं, जो अंधेरे पर प्रकाश का प्रतीक है
नई शुरुआत और आध्यात्मिक कार्यों के लिए आदर्श समय
भगवान सूर्य, सूर्य देव से जुड़ा हुआ है
मकर संक्रांति के रीति-रिवाज और परंपराएं
पवित्र स्नान: गंगा, यमुना या गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में डुबकी लगाना
दान-पुण्य: तिल, गुड़, कपड़े, अनाज और कंबल दान करना
सूर्य पूजा: सूर्योदय के समय सूर्य देव की पूजा करना
तिल का भोग: माना जाता है कि तिल नकारात्मकता को सोख लेता है और सकारात्मकता लाता है
पूरे भारत में क्षेत्रीय नाम और उत्सव
पोंगल (तमिलनाडु): चार दिवसीय फसल उत्सव
उत्तरायण (गुजरात): पतंग उड़ाने का त्योहार
माघ बिहू (असम): सामुदायिक दावतें और अलाव
लोहड़ी (पंजाब): एक दिन पहले अलाव जलाकर मनाया जाता है
मकर संक्रांति (महाराष्ट्र): "तिल गुड़ घ्या, गोड गोड बोला" कहकर तिल-गुड़ की मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाता है
मकर संक्रांति पर बनाए जाने वाले खास पकवान
तिल-गुड़ के लड्डू
चिक्की (मूंगफली या तिल की चिक्की)
पोंगल (मीठा और नमकीन)
खिचड़ी (खासकर उत्तर भारत में)
ये पकवान सर्दियों में गर्मी और एनर्जी देते हैं।
मकर संक्रांति 2026 पर क्या करें
सुबह जल्दी उठें और पवित्र स्नान करें
सूर्य देव की पूजा करें
शुभ मुहूर्त में दान करें
परिवार और दोस्तों के साथ मिठाइयाँ और शुभकामनाएँ बाँटें