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Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति इस बार कब है, 14 या 15 जनवरी? जानिए पुण्य काल मुहूर्त के बारे में

By विनीत कुमार | Updated: January 6, 2021 14:29 IST

Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति के साथ ही एक महीने से चला आ रहा मलमास या खरमास का समय खत्म हो जाता है। इसके बाद से मांगलिक कार्य जैसै शादी-विवाह और दूसरे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।

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ठळक मुद्देसूर्य के मकर राशि में प्रवेश के मौके पर हर साल मनाया जाता है मकर संक्रांतिमकर संक्रांति के साथ खरमास खत्म हो जाता है, सूर्य उत्तरायण हो जाते हैंइस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाएगा, सुबह 8 बजकर 3 मिनट से पुण्य काल

Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। मान्यताओं के अनुसार सूर्य जब भी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो संक्रांति मनाई जाती है। इस तरह एक साल में 12 संक्रांति हो जाते हैं। 

इसमें सबसे विशेष महत्व मकर को दिया गया है। पौष मास में सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन को ही मकर संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान स्नान और दान का बेहद खास महत्व है।

Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति कब है?

इस बार यानी साल 2021 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी (गुरुवार) को मनाया जाएगा। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। ऐसा होते ही दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं।

एक मान्यता ये भी है कि इस दिन से पिछले एक महीने से चला आ रहा मलमास या खरमास का समय खत्म हो जाता है। इस वजह से मकर संक्रांति से मांगलिक कार्य जैसै शादी-विवाह और दूसरे शुभ कार्य शुरू किए जा सकते हैं जो 15 दिसंबर से बंद रहते हैं।

देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति मनाने की परंपरा भी अलग-अलग है। बड़ी संख्या में इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए जुटते हैं और दान आदि करते हैं।

Makar Sankranti 2020: पुण्य काल और महापुण्य काल के मुहूर्त

इस बार मकर संक्रांति पर पुण्य काल का मुहूर्त सुबह 8 बजकर 3 मिनट से दोपहर 12:30 बजे तक का रहेगा। वहीं, महापुण्य काल मुहूर्त सुबह 8:03 से 8:27 तक का होगा।

मकर संक्रांति पर उत्तर भारत के कई घरों में खिचड़ी बनाने की परंपरा है। तिल से बनी चीजों को दान देने की परंपरा है। साथ ही इसे खाया भी जाता है। 

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में दही-चूड़ा और तिलबा (तिल का लड्डू) खाने की परंपरा है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल का त्योहार भी मनाया जाता है। 

वहीं, गुजरात में उत्तरायण पर्व तो असम, मेघालय में इस दिन को माघी बिहू के त्योहार के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है।

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