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Maha Kumbh 2025: पौष पूर्णिमा के अमृत स्नान के साथ शुरू होगा महाकुंभ में कल्पवास, दस लाख कल्पवासियों के लिए महाकुंभ क्षेत्र में लगाए गए 1.6 लाख टेंट

By राजेंद्र कुमार | Updated: January 12, 2025 20:09 IST

इस महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में आने का अनुमान है। यह श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में अमृत स्नान करेंगे।

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लखनऊ/महाकुंभ नगर: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर सनातन आस्था के महाकुंभ की सोमवार 13 जनवरी से शुरुआत होने जा रही है। इस महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में आने का अनुमान है। यह श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में अमृत स्नान करेंगे। इसके साथ ही करीब दस लाख श्रद्धालु संगम तट पर कुंभ की प्राचीन परंपरा के तहत कल्पवास निर्वहन करेंगे। यह दस श्रद्धालु एक माह तक संगम क्षेत्र में रहकर कल्पवास करेंगे। इन श्रद्धालुओं के कल्पवास की शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा की तिथि से होगी।  

सनातन आस्था का सबसे बड़ा आयोजन होने के साथ ही महाकुम्भ बहुत सी सनातन परंपराओं का वाहक भी है। इसमें से एक महत्वपूर्ण परंपरा है संगम तट पर कल्पवास करना। शास्त्रों के अनुसार कल्पवास में श्रद्धालु नियमपूर्वक, संकल्पपूर्वक एक माह तक संगम तट पर निवास करते हैं। इस दरमियान   हर श्रद्धालु तीनों काल गंगा स्नान कर, जप ,तप, ध्यान, पूजन और सत्संग करते हैं। 

श्रद्धालुओं का कल्पवास, पौष पूर्णिमा की तिथि से शुरू हो कर माघ पूर्णिमा की तिथि तक पूरे एक माह तक किया जाता है। इस महाकुंभ में कल्पवास 13 जनवरी से शुरू होकर 12 जनवरी तक किया जाएगा। मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के लिए गंगा जी के तट पर झूंसी से लेकर फाफामऊ तक लगभग 1.6 लाख टेंट, कल्पवासियों के लिए लगवाए गए है। इन सभी टेंटों के लिए बिजली, पानी के कनेक्शन के साथ शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। 

कल्पवासियों को अपने टेंट तक आसानी से पहुंचने के लिए चेकर्ड प्लेटस् की लगभग 650 किलोमीटर की अस्थाई सड़कों और 30 पांटून पुलों का निर्माण किया गया है। हर कल्पवासी के लिए मेला क्षेत्र में सस्ती दर पर राशन और सिलेंडर भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

कल्पवासियों के गंगा स्नान के लिए घाटों के निर्माण भी किया गया है और उनकी सुरक्षा के लिए जल पुलिस ने गंगा नदी में बैरिकेडिंग भी की है। कल्पवासियों के ठंड से बचाव के लिए अलाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्या दूर करने के लिए मेला क्षेत्र में अस्पतालों का भी निर्माण किया गया है। कल्पवास का पूजन करवाने वाले तीर्थ पुरोहित, प्रयाग वालों को भी विशेष सुविधाएं दी गई हैं।

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