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Krishna Janmashtami 2024: इस बार बेहद खास है जन्माष्टमी, कान्हा के जन्मदिन पर बन रहे शुभ योग

By मनाली रस्तोगी | Updated: August 20, 2024 05:15 IST

Krishna Janmashtami 2024: कृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण की पूजा के लिए समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है, जो उनके जन्म की सालगिरह का प्रतीक है।

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ठळक मुद्देपूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त, 2024 को है।यह त्योहार श्री कृष्ण के सम्मान में विभिन्न अनुष्ठानों और उत्सवों के साथ मनाया जाता है।

Krishna Janmashtami 2024: कृष्ण जन्माष्टमीभगवान कृष्ण की पूजा के लिए समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है, जो उनके जन्म की सालगिरह का प्रतीक है। पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त, 2024 को है।

यह त्योहार श्री कृष्ण के सम्मान में विभिन्न अनुष्ठानों और उत्सवों के साथ मनाया जाता है। अष्टमी 26 अगस्त 2024 को प्रातः 03:39 बजे प्रारम्भ होकर 27 अगस्त 2024 को प्रातः 02:19 बजे समाप्त होगी।

वैसे इस बार की जन्माष्टमी बेहद ही खास होने वाली है। दरअसल, इस बार जन्माष्टमी के दिन जयंती योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस दिन जो भी भक्त व्रत रखेगा उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी।

Krishna Janmashtami 2024: रोहिणी नक्षत्र

रोहिणी नक्षत्र का प्रारंभ - 26 अगस्त, शाम 3 बजकर 55 मिनट

रोहिणी नक्षत्र का समापन - 27 अगस्त, शाम 3 बजकर 38 मिनट

जयंती योग का निर्माण 26 अगस्त के दिन होने जा रहा है। दोगुने पुण्यों की प्राप्ति के लिए ये योग बेहद ही बेहतर होता है। यदि आपके जीवन में काफी समस्याएं हैं तो ये व्रत आपको जरूर करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से अंत समय में वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है।

Krishna Janmashtami 2024: क्या है महत्व?

जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का जश्न मनाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो इस वर्ष उनकी 5251वीं जयंती है। पूरा देश इस शुभ अवसर को बड़ी भव्यता और उत्साह के साथ मनाएगा। दुनिया भर में भक्त इस दिन को अत्यधिक भक्ति के साथ मनाते हैं, भगवान कृष्ण की प्रार्थना करते हैं और उनके द्वारा दी गई गीता की शिक्षाओं का प्रचार करते हैं। 

यह त्यौहार कृष्ण के बचपन की विभिन्न प्रसिद्ध कहानियों पर भी प्रकाश डालता है, जिसमें उनकी मक्खन चोरी करने की हरकतें, राक्षसी पूतना को हराना, लोगों को इंद्र के प्रकोप से बचाना और गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली से उठाना शामिल है। भक्तों का मानना ​​है कि भगवान कृष्ण की पूजा करने से सुख, समृद्धि और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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