लाइव न्यूज़ :

गणेश चतुर्थी 2018: कहीं होता है मिठाई से श्रृंगार तो कहीं दायीं ओर है सूंड, ये हैं गणपति के 5 अनोखे मंदिर

By मेघना वर्मा | Updated: September 9, 2018 07:39 IST

रणथंभौर में गणेश जी का बहुत पुराना मंदिर है। इस मंदिर को करीब 100 साल पुराना बतााय जाता है।

Open in App

हिन्दू धर्म के प्रथम पूजनीय और विघ्नहर्ता गणेश को आदिदेव भी कहते हैं। हर शुभ काम करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। घर में क्लेश हो या किसी काम में सफलता ना मिल रही हो लोग गणपति के पास जाकर अपने सारे दुख-दर्द कह देते हैं और उनके सारे कष्ट भगवान गणेश दूर कर देते हैं। हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश मंदिरों में भक्तों का मेला लगता है। इस साल यह गणेश चतुर्थी 13 सितम्बर को पड़ रही है। देवों में प्रथम भगवान गणेश के मंदिर देश भर में हैं मगर कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जो सबसे प्राचीन और अनोखे माने जाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताने जा रहे है जो सबसे प्राचीन और अनोखे हैं।

1. मोती डूंगरी गणेश, जयपुर 

इस मंदिर को जयपुर की कुछ प्रसिद्ध मंदिरों में भी गिना जा सकता है। जयपुर वासियों के आस्था का प्रतीक ये मंदिर कुछ सात सौ से आठ सौ साल पुराना है। माना जाता है कि इस मंदिर में गणेश की मूर्ती को नरेश माधोसिंह की रानी के मायके से 1761 में लाई गई थी। जिसे उनके मायके वालों ने गुजरात से मंगवाई थी और उस समय वह पांच सौ साल पुरानी थी। इस मंदिर में आज भी गणेश चतुर्थी वाले दिन भारी संख्या में भीड़ होती है। 

2. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर, पुणे

इस मंदिर के नाम से ही समझ आता हैं यहां मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। इस मंदिर का श्रृंगार कभी मिठाई से होता है कभी फल से। भक्त की भक्ति और श्रद्धा को यहां देखा जा सकता है। गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां कई भक्त पूरे मंदिर का अलग-अलग चीजों से श्रृंगार करवाते हैं। 

3. सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई

गणपति के मंदिर की बात हो और मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर का जिक्र ना हो ऐसा संभव नहीं है। ये मंदिर सिर्फ देश ही नहीं विदेश में भी प्रसिद्ध हैं। आम आदमी हो या सेलिब्रेटी यहां हर कोई अपना शीश झुकाने आता है। इस मंदिर की खास बात ये है कि यहां गणेश मूर्ती की सूड़ दाईं ओर मुड़ी हुई है जिसे सिद्धपीठ से जोड़ा जाता है इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। 

4. रणथंभौर गणेश जी, राजस्थान 

रणथंभौर में गणेश जी का बहुत पुराना मंदिर है। इस मंदिर को करीब 100 साल पुराना बतााय जाता है। इस मंदिर की खास बात ये है कि इस मंदिर में गणेश जी के तीन आंखों वाली प्रतिमा है जिसे नारंगी रंग से रंगा गया है। गणेश के इस अद्भुत रुप को देखने लोग दूर-दराज से आते हैं। 

5. कनिपक्कम विनायक मंदिर, चित्तूर 

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित कनिपक्कम मंदिर को बेहद प्राचीन बताया जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना 11वीं सदी में की गई थी। इस मंदिर की सबसे रोचक बात ये है कि इस मंदिर के गणपति का आकार दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। लोगों का मानना है कि इस मंदिर की मूर्ति पहले छोटी थी मगर धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता ही जा रहा है। 

टॅग्स :गणेश चतुर्थीपूजा पाठट्रिप आइडियाज
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठMakar Sankranti 2026: जिजीविषा का उत्प्रेरक पर्व है मकर संक्रांति

पूजा पाठगणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा

पूजा पाठDiwali Puja Time Today: दिवाली पूजा का समय और शुभ मुहूर्त कब है?, 20 अक्टूबर गणेश-लक्ष्मी पूजा...

पूजा पाठHappy Diwali 2025 Wishes: दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं, मैसेज, फोटो, स्टेटस...

ज़रा हटकेVIRAL: गणेश जी को पानी में मत डालो, डूब जाएंगे, इमोशनल कर देने वाला वीडियो वायरल

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल