लाइव न्यूज़ :

Ganesh Chaturthi 2020: गणेश चतुर्थी पर कैसे करें विघ्नहर्ता की स्थापना? जानें पूरी विधि

By गुणातीत ओझा | Updated: August 13, 2020 17:04 IST

Ganesh Chaturthi 2020 Sthapana : गणेश चतुर्थी का त्योहार (Ganesh Chaturthi Festival) भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन घर में भगवान श्री गणेश की स्थापना करने का विशेष फल मिलता है। आइये आपको बताते हैं भगवान गणेश जी की स्थापना (Lord Ganesha Sthapana) कैसे करनी चाहिए...

Open in App
ठळक मुद्देइस साल गणेश चतुर्थी पर्व 22 अगस्त 2020 को मनाया जाएगा।शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था।

Ganesh Chaturthi: इस साल गणेश चतुर्थी पर्व 22 अगस्त 2020 को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी के दिन भक्त बड़े ही धूमधाम से गणेश जी (Lord Ganesha) को अपने घर स्थापित करते हैं। गणेश जी की स्थापना विधि विधान के साथ की जाती है। अगर भगवान गणेश को विधि अनुसार स्थापित नहीं किया गया आपको उनका आर्शीवाद नहीं मिलेगा। आइए आपको बताते हैं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना कैसे की जाती है।

1. गणेश चतुर्थी के दिन साधक को सुबह जल्दी स्नान आदि करके साफ वस्त्र धारण करके भगवान गणेश की मिट्टी की नई प्रतिमा लानी चाहिए।

2. इसके बाद एक चौकी पर गंगाजल छिड़क कर उसे साफ करें और उसके बाद उस पर लाल या हरे रंग का वस्त्र बिछाएं। गणेश जी की स्थापना हमेशा उत्तर दिशा में की जाती है। इसलिए आप भी उत्तर दिशा में ही गणेश जी की स्थापना करें।

3.कपड़ा बिछाकर उस पर अक्षत रखें और उन अक्षतों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें और एक लोटे में गंगाजल लेकर गेंदे के फूल से गंगाजल को गणेश जी पर छिड़कें।

4.इसके बाद वस्त्र के रूप में गणेश जी को जनेऊ धारण कराएं। इसके लिए आप मौली का प्रयोग भी कर सकते हैं।

5.जनेऊ धारण करने के बाद गणेश जी के बाईं और अक्षत रखें और उस पर कलश स्थापित करें। लेकिन उससे पहले कलश पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। 

6.इसके बाद उस कलश में 5 या 7 आम के पत्ते रखें और नारियल पर कलावा बांधकर तिलक लगाकर कलश पर रखें और गणेश जी के बाईं और स्थापित कर दें।

7.कलश स्थापित करने के बाद गणेश जी को पंचमेवा का भोग लगाएं और उन्हें पांच फल अर्पित करें।इसके बाद गणेश जी को दूर्वा घास चढ़ाएं।

8.इसके बाद गणेश जी का मोदक, लौंग और इलायची का भोग लगाएं और गणेश जी को एक पान सुपारी में रखकर अर्पित करें।

9. यह सभी चीजें अर्पित करके उन्हें गेंदे के फूलों की माला चढ़ाएं और उन्हें गुलाब के फूल अर्पित करें और गणेश जी का रोली से तिलक करें।

10.रोली से तिलक करने के बाद उस पर अक्षत भी लगाएं। इसके बाद गणेश जी के दाईं और अक्षत रखें। 11. अक्षत रखने के बाद गणेश जी के आगे अखंड दीपक प्रज्वल्लित करें और इसे गणेश जी के दाईं और रख दें। यह अखंड दीपक गणेश विर्सजन तक जलता रहना चाहिए।

12. इसके बाद उनके आगे धूप भी जलाएं।धूप जलाने के बाद गणेश जी की आरती उतारें।

टॅग्स :गणेश चतुर्थीभगवान गणेशधार्मिक खबरें
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठगणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा

पूजा पाठTulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह के लिए ये हैं 7 भोग जो सौभाग्य की देते हैं फुल गारंटी

पूजा पाठDiwali Puja Time Today: दिवाली पूजा का समय और शुभ मुहूर्त कब है?, 20 अक्टूबर गणेश-लक्ष्मी पूजा...

पूजा पाठDhanteras 2025 के दिन सोना और चांदी खरीदने के लिए क्या है शुभ मुहूर्त? जानें पूजा का समय और सबकुछ

पूजा पाठDiwali Rangoli 2025: इस दिवाली बनाए लेटेस्ट रंगोली डिजाइन, बढ़ जाएगी घर की शोभा

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठगुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स