लाइव न्यूज़ :

Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा में गूंज रहा नया नारा, 'बोल बम, यात्रा मार्ग को कचरा मुक्त रखेंगे हम' के साथ श्रद्धालु कर रहे दर्शन

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: July 5, 2025 09:27 IST

Amarnath Yatra 2025:हर साल, भक्त अमरनाथ गुफा में अमरनाथ दर्शन के लिए जाते हैं, जहाँ एक प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग बनता है, जो भगवान शिव का प्रतीक है।

Open in App

Amarnath Yatra 2025: अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। अमरनाथ यात्रा श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। श्रद्धा और आस्था में अब स्वच्छता भी जुड़ गया है। अब श्रद्धालु एक नया मंत्र गुनगुना रहे हैं। बोल बम, पर्यावरण को कचरा मुक्त रखेंगे हम। इस पवित्र यात्रा में पर्यावरण और स्वच्छता को जोड़ा है इंदौर के स्टार्टअप स्वाहा ने।

जीरो लैंड फील  (कचरा मुक्त ) यात्रा की सोच को हकीकत में बदल रहा है स्वाहा। स्वाहा पिछले चार वर्षों से अमरनाथ यात्रा मार्ग को कचरा मुक्त बना रहा है। जम्मू कश्मीर के डायरेक्टरेट ऑफ रूरल सैनिटेशन द्वारा यह कार्य स्वाहा को सौंपा गया है ! इस बार यात्रा मार्ग में करीब 550 टन कचरा निकलने का अनुमान है। 

आरडीडी और पंचायती राज के सेक्रेटरी आईएएस श्री एजाज असद और डायरेक्टरेट ऑफ़ रूरल सनिटेशन की  डीजी श्रीमती अनू मल्होत्रा ने बताया किपिछली  कई यात्राओं से यात्री  बड़ी संख्या में पहाड़ियों पर टनों से कचरा छोड़ते आ रहे थे।

पिछले चार साल में इस तस्वीर को बदला है। अब यात्रा के बाद पूरा अमरनाथ यात्रा मार्ग कचरा मुक्त दिखता है।  इंदौर के स्टॉर्टअप स्वाहा  टीम ने इस काम को किया है।  अब यात्रा मार्ग की पहाड़ियां और नदिया प्लास्टिक और गंदगी के मुक्त है।  

स्वाहा के सह संस्थापक समीर शर्मा ने बताया कि  ये लगातार चौथा वर्ष है जब पहाड़ों और घाटियों की सफाई के लिए जम्मू और कश्मीर के युवाओं  साथ मिलकर इस मिशन को सफल बनाने के संकल्प पर स्वाहा  जुटा हुआ है। इस अभियान का लक्ष्य  है शून्य अपशिष्ट  यात्रा।

 यानि यात्रा के बाद कोई अपशिष्ट बचा न दिखे।  स्वाहा के संस्थापकों में दो आईआईटीयन है ज्वलंत शाह और रोहित अग्रवाल। रोहित ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती लंगरों से निकलने वाले फ़ूड वेस्ट की थी। लंगर वाले अपने यहाँ निकला जूठन और दूसरे कचरे को या तो पहाड़ी में डाल देते थे या नदी में प्रवाहित कर देते थे।

इससे निपटने के लिए लंगरों को स्वाहा कि टीम प्रशिक्षण दे रही है कि  कचरे को सेग्रीगेट करें ताकि उसकी खाद बनाई जा सके।  स्वाहा मिक्स कचरे का कलेक्शन नहीं करेगी।  इससे सोर्स से ही गीला और सूखा कचरा अलग किया जा रहा है।

ज्वलंत ने बताया कि आने वाले यात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। यात्रा में निःशुल्क कपड़ों के थैलों को बेस कैंप से गुफा तक बांटा जा रहा है। इससे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम रहे।

टॅग्स :अमरनाथ यात्राजम्मू कश्मीरहिंदू त्योहारइंदौर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठगुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स