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सोमवार से प्रारंभ हो रहे सत्र में होगा हंगामा, उछलेगा ईवीएम का भी मुद्दा

By शीलेष शर्मा | Updated: June 15, 2019 05:40 IST

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बनी नई सरकार को सोमवार से शुरु हो रहे संसद सत्र में विपक्ष के तीखे हमले का सामना करना होगा. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल ईवीएम के मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी कर रहे है.

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ठळक मुद्देविपक्ष की आशंका है कि भाजपा की लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के पीछे चुनाव आयोग और ईवीएम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि क्विंट ने जो आंकड़े पेश किये उनका संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के आंकड़ों से उनका मिलान किया

 प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बनी नई सरकार को सोमवार से शुरु हो रहे संसद सत्र में विपक्ष के तीखे हमले का सामना करना होगा. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल ईवीएम के मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी कर रहे है. 

विपक्ष की आशंका है कि भाजपा की लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के पीछे चुनाव आयोग और ईवीएम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. ईवीएम के मुद्दे पर कांग्रेस ने अभी तक कोई सीधा हमला नहीं किया है हालांकि पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने रायबरेली दौरे में बिना ईवीएम का उल्लेख किये इस ओर इशारा किया कि भाजपा ने चुनाव कैसे जीता है. यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि क्विंट ने जो आंकड़े पेश किये उनका संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के आंकड़ों से उनका मिलान किया और उसके बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे कि चुनाव आयोग ने मतदान हुए मत पत्रों की जो गिनती बताई और ईवीएम से परिणाम के समय जो मत गिने गये उनमें भारी अंतर है.

तमिलनाडु के कांचीपुरम लोकसभा सीट में चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 12 लाख 14 हजार 86  वोट डाले गये जबकि ईवीएम से निकले परिणामों में जो वोटों की गिनती बताई गई वह 12  लाख 32 हजार 417 थी. सीधे-सीधे 18331 मतों का अंतर वोट पड़े और वोट निकले में साफ हुआ. 

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने ब्यौरेवार देश की सभी सीटों के ऐसे आंकड़ों को एकत्रित किया है और उसे अन्य विपक्षी दलों के साथ साझा कर रही है. ताकि संसद सत्र के समय सदन में समूचा विपक्ष एक स्वर से इस मुद्दे को उठा सके.

पार्टी सूत्र बताते है कि विपक्ष संसद में हंगामे के बाद इस मुद्दे को चुनाव आयोग और राष्ट्रपति के पास ले जाने की तैयारी में है उसकी मांग होगी कि आगे के सभी चुनाव मत पत्रों से हो ना की ईवीएम से. इस मसले पर कांग्रेस ही नहीं ममता बनर्जी, मायावती, अखिलेश, चंद्रबाबू नायडू, सहित तमाम दूसरे नेता अपनी राय पहले ही सार्वजनिक कर चुके है.

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