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राजस्थान सियासी संग्रामः जोड़तोड़ की राजनीति को एक्सपोज करने में कामयाब हो ही गए सीएम गहलोत?

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: July 24, 2020 14:45 IST

सारे प्रकरण में सीएम गहलोत जोड़तोड़ की राजनीति को एक्सपोज करने में तो कामयाब हो ही गए हैं. इस राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने जोड़तोड़ की राजनीति को लेकर पीएम मोदी को आइना दिखाया है.

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ठळक मुद्देमुझे अधूरी जानकारी दी गई या मुझे मेरी पार्टी ने जानकारी दी नहीं थी, इसलिए ये सब हो गया. वो स्पष्ट करने के लिए मैंने प्रधानमंत्रीजी को पत्र लिखा है.सीएम अशोक गहलोत की कोशिश है कि वे शीघ्र ही विधानसभा में बहुमत साबित कर दें, ताकि फिर वे खुलकर सियासी खेल, खेल सकेंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सीएम गहलोत ने एक बार विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया तो फिर उन्हें छह माह का मौका मिल जाएगा.

जयपुरः राजस्थान में सियासी संघर्ष जारी है. जहां इस वक्त सीएम अशोक गहलोत के पास पूर्ण बहुमत है, लिहाजा वे जल्दी-से-जल्दी फ्लोर टेस्ट करवाना चाहते हैं, वहीं प्रत्यक्ष सचिन पायलट खेमे और अप्रत्यक्ष बीजेपी नेतृत्व की यही कोशिश है कि गहलोत खेमे में सियासी तोड़फोड़ हो जाए, ताकि वे बहुमत साबित नहीं कर पाएं.

लेकिन, इस सारे प्रकरण में सीएम गहलोत जोड़तोड़ की राजनीति को एक्सपोज करने में तो कामयाब हो ही गए हैं. इस राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने जोड़तोड़ की राजनीति को लेकर पीएम मोदी को आइना दिखाया है.

सीएम गहलोत का कहना है कि- प्रधानमंत्रीजी को मैंने चिट्ठी लिखी है, डेमोक्रेसी है, संघीय ढांचा है...पीएम कल ये न कह दें कि मुझे जानकारी ही नहीं थी, मेरे लोगों द्वारा मुझे अधूरी जानकारी दी गई या मुझे मेरी पार्टी ने जानकारी दी नहीं थी, इसलिए ये सब हो गया. वो स्पष्ट करने के लिए मैंने प्रधानमंत्रीजी को पत्र लिखा है.

सीएम अशोक गहलोत की कोशिश है कि वे शीघ्र ही विधानसभा में बहुमत साबित कर दें, ताकि फिर वे खुलकर सियासी खेल, खेल सकेंगे. उनका कहना है कि- विधानसभा का सत्र भी जल्दी होगा, बहुमत हमारे साथ में है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सीएम गहलोत ने एक बार विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया तो फिर उन्हें छह माह का मौका मिल जाएगा और फिर तो उन्हें सियासी मात देना बेहद मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि विधायकों को अपने पाले में लाने के मामले में सीएम गहलोत भी खासे एक्सपर्ट हैं!

टॅग्स :राजस्थानजयपुरअशोक गहलोतसचिन पायलटनरेंद्र मोदीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेस
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